
कतरास: महुदा इंटर महाविद्यालय में कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। विद्यालय के सचिव प्रो. दीपनारायण शर्मा पर वित्तीय अनियमितता, ईपीएफओ घोटाला, कर्मचारियों का बकाया वेतन लंबित रखने, फर्जी तरीके से ईपीएफओ पंजीकरण कराने, फंड की हेराफेरी, दुरुपयोग एवं गबन जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए निगरानी समिति ने सोमवार से महाविद्यालय गेट पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। धरना के दौरान निगरानी समिति के सदस्यों ने महाविद्यालय अध्यक्ष और सचिव के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। समिति सदस्यों का आरोप है कि महाविद्यालय में लंबे समय से मनमानी और अनियमितताएं चल रही हैं, जिससे संस्था की छवि धूमिल हो रही है।

प्रदीप महतो ने सचिव दीपनारायण शर्मा पर निशाना साधते हुए कहा कि सचिव द्वारा बैक डेट में निगरानी समिति को भंग करने का आदेश जारी किया जा रहा है, जबकि उन्हें ऐसा करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने दावा किया कि निगरानी समिति संस्था की सर्वोच्च इकाई है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सचिव स्वयं पद नहीं छोड़ते हैं तो उन्हें हटाने के लिए आंदोलन और तेज किया जाएगा।

सचिव पर वित्तीय अनियमितता और ईपीएफओ घोटाले के आरोप गलत- सचिव दीपनारायण शर्मा
इधर, महुदा इंटर महाविद्यालय के सचिव प्रो. दीपनारायण शर्मा ने धरना पर बैठे लोगों को असामाजिक तत्व बताते हुए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि कोई वैध निगरानी समिति नहीं है और धरना देने वाले लोगों का महाविद्यालय से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है।
उन्होंने कहा कि “इन लोगों के बच्चे भी यहां नहीं पढ़ते हैं। ये सिर्फ महाविद्यालय को बदनाम और बर्बाद करने में लगे हैं। उन्होंने वित्तीय अनियमितता, फंड गबन और अन्य सभी आरोपों को निराधार और झूठा बताया। साथ ही प्रशासन से मामले में संज्ञान लेते हुए धरना दे रहे लोगों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
धरना में प्रदीप महतो, अशोक लाल, नरेश महतो, सूर्यकांत महतो, अब्दुल समद अंसारी, अश्वनी कुमार महतो, गोकुल कुम्भकार, मनोज कड़वार, सुरेश महतो, कृष्णा महतो, संतोष महतो, फागु महतो, भरत कुमार रजक सहित कई लोग मौजूद थे।
