
कतरास: धनबाद नगर निगम अंतर्गत वार्ड संख्या एक के में स्थित कतरास हटिया सैकड़ो वर्ष पुरानी और ऐतिहासिक है। इस हटिया में प्रत्येक दिन आसपास के लोग सब्जी आदि बेचकर अपना पेट पालते हैं। इसके अलावे वर्षों से प्रत्येक रविवार को हटिया बाजार लगता है जिसमें साग सब्जी पकौड़ी मुर्गी बटक राशन का सामान कपड़ा फल आदि कई प्रकार छोटे-छोटे अस्थाई दुकान लगाते हैं जो न केवल हटिया की शोभा बढ़ाते हैं बल्कि सैकड़ो लोग अपनी आजीविका भी चलाते हैं। लेकिन कुछ दबंग किस्म के लोगों द्वारा हटिया की सरकारी जमीन पर धीरे-धीरे कब्जा कर इस ऐतिहासिक हटिया का नामोनिशान मिटाने में लगे हुए हैं।
वर्क आर्डर लेकर आएं फिर निर्माण करें- निगम अधिकारी
सोमवार को एक बार फिर कतरास हटिया में बांस बल्ली से अवैध कब्जे की तैयारी चल रही थी लेकिन निगम को जैसे ही इस अतिक्रमण की सूचना मिली निगम के कर्मियों ने अवैध कब्जा को रोक दिया और कब्जाधारी को निगम कार्यालय बुला कर निर्माण कार्य करने संबंधित दस्तावेज की मांग की। कब्जाधारी निर्माण से संबंधित कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। निगम के अधिकारी ने कब्जाधारी को स्पष्ट कहा कि नगर निगम से वर्क ऑर्डर लेकर आए फिर निर्माण करें। बिना वर्क ऑर्डर के जोर जबरदस्ती से निर्माण करने की कोशिश की तो प्राथमिकी दर्ज करते हुए कड़ी कार्रवाई की जायेगी जिसका जिम्मेदार आप स्वयं होंगे।

वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस अवैध कब्जा करवाने के पीछे किसी एस पांडे नामक व्यक्ति का हाथ है, जो 50 हजार रुपए की मोटी रकम लेकर कतरास हटिया की सरकारी जमीन पर उक्त व्यक्ति को जमीन कब्जा करवा रहा है। लेकिन निगम की सक्रियता से फिलहाल इस अवैध कब्जा पर पानी फिरता दिख रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कतरास हटिया में 10/10 फीट जमीन कब्जा कराने के एवज में उक्त पंडित 30 हजार से लेकर 50 हजार रुपए तक की रकम कब्जाधारी से वसूलता है। उक्त पंडित कथित तौर पर स्वयं को राजपरिवार से जुड़ा हुआ बताता है। बहरहाल सच्चाई चाहे जो भी हो लेकिन उक्त पंडित के कारण राज परिवार की साख और प्रतिष्ठा धूमिल हो रही है। स्थानीय लोगों ने कतरास हटिया में अवैध कब्जा कर सरकारी राजस्व की क्षति करा रहे पंडित की शिनाख्त कर उसकी भूमिका की जांच करने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हर बार अतिक्रमण के खिलाफ निगम की कार्रवाई में माननीय नेता बाधा बन जाते हैं, जिससे निगम को अपनी कार्रवाई से पीछे हटना पड़ता है। इसलिए इस मामले में भी यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या आने वाले दिनों में माननीय नेता के दबाव में एक बार फिर से निगम को अपनी कार्रवाई से पीछे हटना पड़ेगा और अवैध कब्जा शुरू हो जाएगा या फिर नगर निगम को माननीय नेता का साथ मिलेगा और कतरास हटिया से अतिक्रमण हटेगा।

किसके संरक्षण में रात में शुरू हुआ काम, निगम के आदेश की हुई ऐसी तैसी
जानकारी के अनुसार निगम के जिम्मेदार अधिकारियों के मना करने के बावजूद भी रात में ज्यादा आदमी लगाकर जमीन कब्जा करने का काम शुरु हुआ। हालांकि इसकी भनक निगम को लग गई। रात में ही अपने कर्मियों को भेजकर फिर से काम रुकवाने का कोशिश किया लेकिन दबंग कब्जाधारी ने काम रोकने से मना कर दिया। लोग इस बात से हैरान हैं कि आखिर किसके संरक्षण में एक सामान्य से कब्जाधारी निगम के आदेश की ऐसी तैसी करने की हिम्मत कर रहा है। अब देखना है कि निगम इस मामले में कोई कार्रवाई करती है या फिर कब्जाधारी के आगे खुद को सरेंडर कर देती है।
