
रांची: झारखंड मंत्रालय में शहरी विकास एवं आवास विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शहरों से गुजरने वाली नदियों, नालों, तालाबों और डैम क्षेत्रों में बने सभी अवैध निर्माण कार्यों को तत्काल रोका जाए और पहले से बने अवैध घरों को हटाने की कार्रवाई तेज की जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे अतिक्रमणों का गहन सर्वे कराया जाए और चिन्हित संरचनाओं को नोटिस जारी करते हुए कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही अतिक्रमण नहीं हटाने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की प्रक्रिया युद्ध स्तर पर चलाने को कहा गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जलस्रोतों पर अतिक्रमण पर्यावरण और जल निकासी व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने राज्यवासियों से भी अपील की कि वे जलस्रोत क्षेत्रों में किसी प्रकार का अवैध निर्माण न करें और प्रकृति संरक्षण में सहयोग करें।
