
कतरास-बाघमारा की जनता के हक पर चोट बर्दाश्त नहीं, ‘रेल दो या जेल दो’ की तर्ज पर बस टर्मिनल के लिए होगा महाआंदोलन: डॉ. विनोद कुमार गोस्वामी
कतरास : धनबाद नगर निगम वार्ड संख्या 01 के पूर्व पार्षद सह ‘रेल दो या जेल दो’ आंदोलन के प्रणेता डॉ. विनोद कुमार गोस्वामी ने कतरास के लिलौरी स्थान में प्रस्तावित अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) के निर्माण का विरोध करने वाले जनप्रतिनिधियों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बस टर्मिनल कतरास और पूरे बाघमारा क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक प्रगति के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

ऐतिहासिक संघर्ष
डॉ. गोस्वामी ने कहा कि जिस तरह हमने जेल जाने की परवाह न करते हुए रेल दो या जेल दो जन-आंदोलन के जरिए कतरासगढ़ स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित कराया, ठीक उसी प्रकार बस टर्मिनल के लिए भी संघर्ष किया जाएगा। यह टर्मिनल कतरासगढ़ स्टेशन के नजदीक होने के कारण यात्रियों को ‘रेल-रोड कनेक्टिविटी’ की अद्भुत सुविधा देगा।

अंतरराज्यीय संपर्क:
अंतरराज्यीय बस टर्मिनल बनने से कतरास-बाघमारा की जनता सीधे कोलकाता, पटना, रांची और बनारस जैसे महानगरों से जुड़ जाएगी। लंबी दूरी की यात्रा के लिए अब क्षेत्र के लोगों को धनबाद शहर पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं होगी।
रोजगार और व्यापार का सृजन: इस परियोजना से क्षेत्र में हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे। स्थानीय होटल, परिवहन और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को नई ऊर्जा मिलेगी, जिससे कतरास एक व्यापारिक हब के रूप में पुनः स्थापित होगा।
डॉ. गोस्वामी ने धनबाद के जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे कतरास बाघमारा के छोटे से प्रोजेक्ट्स में राजनीति करने के बजाय धनबाद के SNMMCH (मेडिकल कॉलेज) की बदहाली दूर करने और लंबित हवाई अड्डा निर्माण को धरातल पर उतारने में अपनी शक्ति लगाएं।
महाआंदोलन की चेतावनी:
डॉ. गोस्वामी ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा— “कतरास और बाघमारा की जनता अब जाग चुकी है। विकास का विकेंद्रीकरण समय की मांग है। यदि कतरास के हक को दबाने का प्रयास किया गया, तो हम चुप नहीं बैठेंगे। विकास की राह में बाधा डालने वालों के खिलाफ जल्द ही सड़कों पर महाआंदोलन छेड़ा जाएगा।” ”हम विकास के विरोधी नहीं, विकेंद्रीकरण के समर्थक हैं। धनबाद को हवाई अड्डा मिले और कतरास को बस टर्मिनल—तभी पूरे जिले का समान विकास संभव है।”
