
कतरास : बाघमारा में एक तरफ लगातार अवैध कोयला खनन की रफ्तार बढ़ रही है तो दूसरी ओर हत्या, लुट और और चोरी की घटनाओं में इजाफा होता जा रहा है। पिछले तीन दिन के भीतर दो लोगों को गोली लगने एवं एक की हत्या होने की घटना ने धनबाद पुलिस के “सेवा और सुरक्षा ही हमारा लक्ष्य” के दावों का पोल खोल दिया है। पहले तेतुलमारी में कथित कोयला कारोबारी मनीष सिंह पर अपराधियों ने गोली चलाई। उसके बाद सोनारडीह में जनता श्रमिक संघ के नेता व संजीव सिंह के समर्थक शुभम यादव को अपराधियों ने गोली से छलनी कर दिया जिसका इलाज के दौरान मौत हो गया। अपराधियों का मनोबल कितना बढ़ गया है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अपराधियों ने शुभम यादव को घर में घुसकर गोली मारी है। इस बात से यह पता चलता है कि अपराधियों में पुलिस का कितना खौफ है। 1 साल पहले मधुबन थाना अंतर्गत बाघमारा डीएसपी पुरुषोत्तम कुमार सिंह को अपराधियों ने दिनदहाड़े मार कर लहू लुहान कर दिया था। कई महीने तक वे अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझते रहे । इस बात से भी पता चलता है कि क्षेत्र में अपराधियों को कानून से कितना भय लग रहा है। वर्तमान में पुलिस दावे तो बड़े-बड़े कर रही है लेकिन उन दावों में कितनी सच्चाई है यह हालिया घटनाओं को देखने से स्पष्ट हो जाता है।

शिकायत से ज्यादा समाधान करने का दावा करने वाली पुलिस अवैध खनन पर लगाम लगाने में फिसड्डी साबित हुई
बाघमारा थाना अंतर्गत जमुनिया में कानून का नहीं बल्कि कोयला तस्करों का राज चलता है। सूत्रों के अनुसार जमुनिया नदी को चीरकर कोयला तस्कर हर रोज 30 से 35 ट्रक कोयला निकाल कर बाहर भेज रहे हैं और बाघमारा पुलिस मौन धारण किए हुए हैं। कभी कभार कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति जरूर होती है जिसके कारण अगले ही दिन से कोयला का अवैध धंधा रफ्तार पकड़ लेता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाघमारा थाना के काबिल पुलिस अधिकारी आखिर अवैध खनन पर रोक लगाने में विफल क्यों हो रही है? क्या पुलिस कोयला तस्करों पर कार्रवाई करने से डरती है या फिर कोयला के इस काले धंधे में पुलिस की वर्दी भी खाकी से काली हो गई है।

अवैध कोयला कारोबार में संजय, उत्तम, राहुल, प्रभास, मुन्ना, अमरेंद्र, सुधीर, श्रीकांत, दिलीप, उदय, टीपी और चौधरी के नाम आ रहे हैं सामने
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बाघमारा थाना क्षेत्र अंतर्गत जमुनिया, केशरगढ़, सदरियाडीह आदि क्षेत्रों में संजय, उत्तम, राहुल, प्रभास, मुन्ना, अमरेंद्र, सुधीर, श्रीकांत, दिलीप, उदय, टीपी और चौधरी नामक कोयला तस्करों का नाम सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि ये सभी कोयला तस्कर मिलकर जमुनिया केसरगढ़ सदरियाडीह एवं बाघमारा थाना अंतर्गत अन्य क्षेत्र में धड़ल्ले से अवैध कोयला कारोबार संचालित कर रहे हैं। हाल ही में सोनारडीह के टंडाबारी में कोयला तस्करों के द्वारा कथित रूप से पिलर काटे जाने के कारण एक घर जमीन में समा गया जिससे मौके पर ही 3 निर्दोष लोगों की मौत हो गई थी। इधर 3 दिन के अंदर तेतुलमारी एवं सोनारडीह में लोगों को गोली मारी गई। जिसमें एक की मौत हो गई। उसके बावजूद कोयला कारोबारी बेखौफ होकर अवैध खनन में लगे हुए हैं।
तेजी से बढ़ता अपराध और बढ़ता अवैध कारोबार ने सरकार की साख गिराई
जिस प्रकार से अपराधी घर घुसकर घटना को अंजाम दे रहे हैं उससे आम जनता में भय का माहौल बन गया है। क्षेत्र में बढ़ता अपराध और बढ़ता अवैध कोयला कारोबार ने सरकार की साख पर सवालिया निशान लगा दिया है। अब यह देखना होगा कि अपराधियों का बढ़ता मनोबल को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन क्या कदम उठाती है ताकि सरकार और पुलिस पर जनता का भरोसा बरकरार रहे।
