
कतरास: वार्ड संख्या 1 के पूर्व पार्षद डॉ. विनोद कुमार गोस्वामी ने एक सशक्त बयान जारी करते हुए कहा है कि जनता की सेवा के लिए वह किसी पद या कुर्सी के मोहताज नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्षद का कार्यकाल उनके सेवा पथ का केवल एक अध्याय था, जबकि जनता के हक की लड़ाई का असली संघर्ष अभी बाकी है।
क्षेत्र की जनता को संबोधित करते हुए डॉ. गोस्वामी ने कहा, “लोकतंत्र में पद आते-जाते रहते हैं, लेकिन जनता के प्रति समर्पण कभी ‘पूर्व’ नहीं होता। जो लोग यह समझते हैं कि पद नहीं रहने से मेरी आवाज शांत हो जाएगी, वे गलतफहमी में हैं। मेरा जन-संघर्ष किसी कुर्सी के लिए नहीं, बल्कि कतरास-बाघमारा के स्वाभिमान के लिए है।”
डॉ. गोस्वामी ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि वह किसी भी गरीब, मजदूर या बेबस नागरिक के स्वाभिमान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, “प्रशासन की संवेदनहीनता और भ्रष्टाचार के खिलाफ मेरी आवाज पहले से भी अधिक बुलंद रहेगी। कतरास-बाघमारा की जनता न कभी झुकी है और न कभी झुकेगी।”

अपने संदेश के अंत में उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि इस मिट्टी का कर्ज वह अपनी अंतिम सांस तक सेवा करके उतारते रहेंगे। उन्होंने क्षेत्र के लोगों को भरोसा दिलाया कि वह कल भी उनके साथ थे और आज भी हर अन्याय के विरुद्ध उनकी ढाल बनकर सबसे आगे खड़े मिलेंगे।
कतरास में प्रस्तावित बस टर्मिनल को लेकर धनबाद में हो रहे विरोध के मामले में पूर्व पार्षद बिनोद गोस्वामी ने कतरास कलाली फाटक एवं लिलोरी स्थान में बैठक कर आंदोलन की रणनीति बताई। उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर प्रस्तावित बस टर्मिनल को धनबाद नहीं जाने देंगे।
बैठक में कृष्ण पंडित, मोहम्मद मुमताज, लक्ष्मी देवी, छमिया देवी, छेदी पंडित, मुकेश वर्मा, कृष्ण गुप्ता, राखी पटवा, सुजीत पटवा, शैलेंद्र रवानी, गजानंद पटवा, फेंटा महतो, विकास पटवा, दिनेश मोदक सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
बता दे कि कतरास लिलोरी मंदिर के समीप प्रस्तावित बस अड्डा निर्माण को लेकर हाल ही में झरिया विधायक रागिनी सिंह का बयान सुर्खियों में है। रागिनी सिंह ने सदन में कहा है कि बस अड्डा कतरास के बजाय धनबाद में ही बनना चाहिए। उसके इस बयान का कतरास बाघमारा के कई लोग पुरजोर निंदा और विरोध कर रहे हैं। ऐसे समय मे वार्ड एक के पूर्व पार्षद डॉ विनोद कुमार गोस्वामी का कतरास वासियों के तरफ से बयान आना यह अंदेशा जाहिर कर रहा है कि जल्द ही वे इस इस मामले को लेकर आंदोलन की बिगुल फूंकने वाले है। हां लकी आंदोलन की शुरुआत कब और कहां से होगी यह तो डॉ विनोद गोस्वामी ही बता सकते हैं।
