
कतरास/धनबाद: कतरास-राजगंज कहें या कतरास-महुदा मार्ग इन दिनों कतरास क्षेत्र में भारी वाहनों का आतंक चरम पर दिखाई पड़ता है। कतरास थाना क्षेत्र में यातायात नियमों की ऐसी तैसी की जा रही है। वाहन चालक न तो यातायात नियमों को मान रहे हैं और न ही प्रशासन के आदेश को। उन्हें बस या तो अपने पेट्रोल डीजल बचाने है या फिर चंद मिनट। लेकिन समय और डीजल बचाने के चक्कर में वाहन चालक स्वयं के साथ साथ दूसरे की जान से भी खिलवाड़ कर रहे हैं। बता दे कि कतरास थाना अंतर्गत भटमुरना मोड, भगत सिंह चौक एवं राहुल चौक के पास भारी वाहन चालक जैसे हाईवा, मिनी हाइवा, जेसीबी, ट्रक, ट्रैक्टर, मारुति कार आदि शॉर्टकट अपनाने के चक्कर मे बेख़ौफ़ होकर रॉंग साइड (गलत दिशा) में गाड़ी चला रहे हैं। जिससे आए दिन छोटी बड़ी दुर्घटनाएं हो रही है।
सरस्वती शिशु मंदिर श्यामडीह और सरस्वती विधा मंदिर सिनिडीह जैसे प्रतिष्ठित स्कूल की बसें भी उल्टी दिशा में सरपट दौड़ती हैं, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
सबसे बड़ी और चिंताजनक बात तो यह है कि मोंटफोर्ट अकेडमी दयाबांस पहाड़, सरस्वती शिशु मंदिर श्यामडीह, सरस्वती विधा मंदिर सिनीडीह एवं अन्य प्रतिष्ठित स्कूलों के स्कूल बस और स्कूली बच्चे सवार मारुति कार भी समय बचाने के लिए बेखौफ होकर रोंग साइड(गलत दिशा) में गाड़ी चला रहे हैं। JH 10BX 7358 नंबर प्लेट की मिनी स्कूल बस, लाल रंग की सुनील बस(JH 10AC 7611), प्रिंस स्कूल बस सर्विस, JH 10CW 6866 नंबर प्लेट की स्कूल बस, JH 10 BD 9756 नंबर प्लेट की ओमनी मारुति कार, JH 10H 1302 नंबर प्लेट की मिनी स्कूल बस, मुकेश बस आदि दर्जनों ऐसे वाहन हैं, जिनमें स्कूलों का नाम तो नहीं लिखा होता हैं लेकिन वे यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए स्कूली बच्चों को ढोते जरूर हैं।
दुर्घटना हुई तो जिम्मेदार कौन : वाहन चालक, स्कूल प्रबंधक या प्रशासन
स्कूली वाहन चालक हर रोज सैकड़ो छात्र छात्राओं के जान से सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। कतरास पुलिस का आदेश पूरी तरह से बेअसर साबित हो रहा है। कतरास पुलिस वाहन चेकिंग अभियान लगाकर आम जनता से यातायात नियमों का पालन करने की अपील करती है लेकिन वाहन चालक इस अपील की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हैं और कानून अपनी गाड़ी कहीं किनारे पर खड़े करके अंधा बनकर चुपचाप सब देखती रहती है।
समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो हो सकती है जान माल की बड़ी क्षति
यदि समय रहते प्रशासन इन भारी वाहनों और स्कूली वाहनों से यातायात नियमों को सख्ती से पालन नहीं करवाते हैं तो कभी भी बड़ी हादसा हो सकती है, जिसमें जान माल की भारी क्षति उठानी पड़ सकती है। कई प्रतिष्ठित स्कूल बसों का रंग भी नियमों के अनुकूल नहीं देखा जा रहा है। इस पर भी प्रशासन को संज्ञान लेने की आवश्यकता है।बता दे कि रॉन्ग साइड से चलने वाले वाहनों के कारण कई बार बड़ी दुर्घटनाएं घट चुकी है जिसमें लोगों की जान भी जा चुकी है उसके बावजूद भी यातायात नियमों की अनदेखी लगातार की जा रही है।

मामला संज्ञान में आया है जांच व कार्रवाई की जाएगी- थाना प्रभारी कतरास
मामले को लेकर कतरास थाना प्रभारी प्रवीण कुमार ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की जायेगी
