
कतरास: गुजराती हिंदी मध्य विद्यालय कतरास की शिक्षिका भावना चौहान को पिछले 17 महीना से वेतन भुगतान नहीं हुआ है जिसको लेकर वे विगत 22 दिनों से धरने में बैठी है। धरने के 22 वें दिन अंचल अधिकारी बाघमारा गिरजानंद किस्कू स्कूल पहुंचे एवं मामले की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने शिक्षिका भावना चौहान के मामले को लेकर पहले स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक आशुतोष पांडेय से मुलाकात की इसके बाद वे एसएमसी के अध्यक्ष नितेश ठक्कर से मिले। इस दौरान उनके साथ अंचल निरीक्षक महेश कुमार भी मौजूद रहे।

एसएमसी अध्यक्ष ठक्कर को जल्द ही बैठक कर मामले का समाधान करने को कहा हूं – गिरजानंद किस्कू
अंचल अधिकारी ने सभी मामलों से अवगत होने के बाद गुजराती समाज के स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) अध्यक्ष नितेश ठक्कर से कहा कि वे अविलंब एक बैठक बुलाए। उस बैठक में जिला शिक्षा अधीक्षक अथवा उनके प्रतिनिधि को भी बुलाए। बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों को सभी तथ्यों से अवगत कराएं इसके बाद सर्वसम्मति से जो विचार निकल कर आयेगा उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। बाघमारा सीओ ने कहा कि मामले की जानकारी वे जिला शिक्षा अधीक्षक को देंगे। उसके बाद आगे जो की कार्रवाई की जाएगी
बता दे कि स्कूल 98 वर्षों से चल रहा है। वर्तमान में स्कूल में 5 शिक्षक मिलाकर कुल 6 सरकारी कर्मी हैं जिसका वेतन भुगतान सरकार करती है। वही शिक्षिका भावना चौहान सहित कुल 6 गैर सरकारी शिक्षक हैं जिसका वेतन भुगतान गुजराती समाज द्वारा गठित विद्यालय प्रबंध समिति(कमिटी) के द्वारा होता आया है। जानकारी के अनुसार पहले बच्चों से प्रतिमाह कुछ फीस लिया जाता था लेकिन पिछले 8 महीनों से कोई फीस नहीं लिया जा रहा है। शिक्षिका को पिछले 17 महीने से वेतन भुगतान नहीं किया जा रहा है जबकि शिक्षिका का दावा है कि वे वर्ष 2002 से उक्त स्कूल में शिक्षण कार्य करती आ रही है। इस दौरान वर्ष 2017-19 मे न केवल शिक्षिकाबभावना चौहान ने बल्कि शिक्षिका रेखा सरकार, विद्या सिन्हा एवं अमिताभ ने इसी स्कूल में शिक्षण कार्य करते हुए डीएलएड भी किया और उसकी डिग्री भी ली। अब नियुक्ति के लगभग 24 साल बाद एसएमसी अध्यक्ष ठक्कर ने कुछ दस्तावेजों के आधार पर इन शिक्षक/शिक्षिकाओं के नियुक्ति पर ही सवाल उठा दिया है। ऐसे में अब यह देखना होगा कि शिक्षिका भावना चौहान के साथ किस प्रकार का न्याय होता है।
