
कतरास: अवैध कोयला खनन और लगातार हो रही भू-धंसान की घटनाओं के विरोध में कतरास गुहींबांध और पंचगढ़ी बाजार के नागरिक गोलबंद होने लगे हैं। जान-माल की सुरक्षा और कतरास-पचगढ़ी के अस्तित्व को बचाने के लिए नागरिकों ने आंदोलन की रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में गुरुवार को कतरास बचाओ संघर्ष मोर्चा के बैनर तले कतरास-राजगंज रोड पर नागरिकों की बैठक हुई।
बैठक में सरकार, बीसीसीएल और खान सुरक्षा महानिदेशालय के खिलाफ आंदोलन का शंखनाद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि कतरास-पचगढ़ी का क्षेत्र भूमिगत पिलरों पर टिका हुआ है। ऐसे में पिलरों को काटकर अवैध कोयला खनन किया जाना क्षेत्र के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लगातार भू-धंसान की घटनाएं हो रही हैं, जिससे कई घर प्रभावित हुए हैं और लोगों की जान भी जा रही है। इसके बावजूद जनता की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाना चिंता का विषय है।
वक्ताओं ने नागरिकों से एकजुट होकर गांधीवादी तरीके से आंदोलन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि अवैध कोयला खनन और भू-धंसान की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो बीसीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों में उत्पादन ठप करने की दिशा में आंदोलन किया जाएगा।
बैठक की अध्यक्षता प्रदीप पांडेय ने की, जबकि संचालन चुन्ना यादव ने किया। मौके पर प्रकाश गुप्ता, राजकुमार मधु, मनोज गुप्ता, मो. अमान, विनय कृष्ण गुप्ता, सुरेश शर्मा, अरुण साव, विनोद शर्मा, देवानंद बर्मन, प्रेम गुप्ता, महबूब आलम, शैलेश गुप्ता, रितेश गुप्ता, सुनील माकन सहित अन्य नागरिक उपस्थित थे।
