
कतरास : बाघमारा पुलिस अनुमंडल अंतर्गत राजगंज थाना क्षेत्र में धड़ल्ले से अवैध कोयला कारोबार फल-फूल रहा है। जिससे न केवल पुलिस प्रशासन की छवि धूमिल हो रही है बल्कि सरकारी राजस्व की भी भारी क्षति हो रही है। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने कहा कि राजगंज पुलिस के नाक के नीचे इतने बड़े पैमाने में अवैध कोयला डिपो का संचालन कैसे हो रहा है यह समझ से परे है। उन्होंने इस मामले को गंभीर बताते हुए झारखंड के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि धावाचिता स्थित महतो धर्मकांटा के समीप, मछली गोदाम के पास बड़े पैमाने पर अवैध कोयले का कारोबार संचालित हो रहा है। दिनदहाड़े ट्रकों में कोयले की लोडिंग की जा रही है और मौके पर पेलोडर व जेसीबी मशीनों से कोयले का उठाव किया जा रहा है। यह गतिविधि सुबह से लेकर देर रात तक लगातार जारी रहती है।रत्नेश कुमार ने बताया कि वे इस मुद्दे को लेकर पहले भी ट्वीट के माध्यम से जांच और कार्रवाई की मांग कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे कोयला तस्करों का मनोबल लगातार बढ़ता जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, इस अवैध कारोबार को सरदार नामक एक सरगना के इशारे पर चलाया जा रहा है। लोगों ने आरोप लगाया है कि कुछ भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों का संरक्षण कोयला तस्करों को मिला हुआ है जिसके कारण यह अवैध कारोबार खुलेआम चल रहा है।
रत्नेश कुमार ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस मामले में उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि अवैध कोयला कारोबार पर पूर्णतः रोक लगाई जा सके।
