
कतरास : राजगंज थाना क्षेत्र के डोमनपुर में एक अवैध कोयला डिपो के बाहर मिनी हाईवा से हुई मौत में मुआवजा भुगतान को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, राजगंज के डोमनपुर में एक कथित कोयका डिपो से निकल रही मिनी हाईवा वाहन के द्वारा मोटरसाइकिल सवार दुलाल कुम्हार को कुचल दिया गया था, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल देखा गया और स्थानीय लोग आंदोलन पर बैठ गए।
मृतक की पत्नी को 9 लाख रकम किसने दी, अवैध डिपो पर कार्रवाई कब, बना चर्चा का विषय
इसी बीच, मामले में कथित तौर पर बिचौलिया की भूमिका निभाने वाला ब्यास नामक एक दलाल को लेकर चर्चा तेज हो गया है। सूत्रों के अनुसार उक्त दलाल आंदोलनकारियों के बीच समझौता कराता हुआ देखा गया। बताया जा रहा है कि मृतक की पत्नी फूल कुमारी को कुल 9 लाख रुपये मुआवजा दिया गया, जिसमें 4 लाख रुपये चेक के माध्यम से और 5 लाख रुपये नकद दिए गए। हालांकि, सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर यह राशि किसने दी? भुगतान करने वाले लोग सामने क्यों नहीं आए? यहां तक कि सार्वजनिक रूप से किसी का नाम भी नहीं लिया गया।

गिरीडीह सांसद प्रतिनिधि सुभाष रवानी ने बताया कि मुआवजा राशि भट्ठा मालिक के द्वारा दिया गया। हालांकि उन्होंने मुआवजा राशि पर असंतोष जताते हुए कहा कि यह कोई दुर्घटना नही बल्कि हत्या है। उन्होंने क्षेत्र में चल रहे अवैध डिपो और अवैध माइंस पर कार्रवाई करने की मांग की।लोगों ने सवाल उठाया है कि कोयला तस्कर जिसके द्वारा अवैध डिपो का संचालन किया जा रहा है उस पर जांच एवं कार्रवाई क्यों नही हो रहा है। अब ये तो राजगंज पुलिस ही बता पाएगी कि क्या पुलिस किसी के दबाब में कार्रवाई नही कर पा रही है या फिर लक्ष्मी जी का प्रभाव के कारण पुलिस कार्रवाई करने में दिलचस्पी नही ले रही है।
वहीं स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि आखिर पर्दे के पीछे कौन-सा तंत्र काम कर रहा है और किसके इशारे पर पूरा समझौता कराया गया।
