
जमुआ पंचायत के मुखिया अर्जुन भुईयां आयोग की सुनवाई में प्रस्तुत नहीं कर सके वैध दस्तावेज
कतरास : फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर धनबाद जिला अंतर्गत बाघमारा प्रखंड के जमुआ पंचायत के मुखिया अर्जुन भुईयां के मुखिया पद की सदस्या रद्द कर रद्द हो गया। 16 जनवरी 2026 की सुनवाई में राज्य निर्वाचन आयुक्त झारखंड अलका तिवारी ने ये आदेश पारित किया। बता दे कि जमुआ के पूर्व मुखिया संजय दास के लिखित शिकायत पर जाति छानबीन समिति ने लगभग 1 वर्ष पहले मुखिया अर्जुन भैया का जाति प्रमाण पत्र रद्द कर दिया था। अब इसी आधार पर निर्वाचन आयोग झारखंड ने अर्जुन भुईयां के मुखिया पद को रद्द कर दिया है।
धनबाद उपायुक्त ने अग्रतर कार्रवाई के लिए निर्वाचन आयोग को भेजा पत्र
उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी धनबाद ने पत्रांक- 426 दिनांक 01.07.2025 के द्वारा न्यायालय राज्य निर्वाचन आयुक्त झारखंड रांची को अर्जुन भुईयां मुखिया ग्राम पंचायत जमुआ प्रखंड बाघमारा का जाति प्रमाण पत्र जाति छानबीन समिति के द्वारा रद्द करने की सूचना दी तथा अग्रतर कार्रवाई करने हेतु पत्र प्रेषित किया। उपायुक्त धनबाद द्वारा प्रेषित इस आवेदन के आधार पर वाद संख्या 04/25 के तहत कार्रवाई प्रारंभ की गई।

आयोग के समक्ष सुनवाई में मुखिया नहीं दिखा सके जाति प्रमाण पत्र के वैध दस्तावेज
इसके बाद ज्ञापांक 797 दिनांक 13.10.2025 तथा 14.11.2025 के द्वारा सभी पक्षों को सभी साक्ष्यों, अभिलेखों के साथ अपना पक्ष रखने हेतु नोटिस निर्गत किया गया। निर्धारित तारीख को अर्जुन भुईयां मुखिया ग्राम पंचायत जमुना अपने अधिवक्ता के साथ उपस्थित हुए एवं साक्ष्य उपलब्ध कराने हेतु समय की मांग की। सुनवाई की अगली तिथि 23.12.2025 निर्धारित की गई। 23.12.2025 की सुनवाई में अर्जुन भुईयां अनुपस्थित रहे एवं उनके अधिवक्ता के द्वारा बताया गया कि उनके मुवक्किल अर्जुन भुईयां जाति छानबीन आयोग के आदेश के विरुद्ध उच्च न्यायालय की शरण में गए हैं जिसका वाद संख्या – WPC 5109/2025 है। इस आधार पर अधिवक्ता ने निर्वाचन आयोग से अतिरिक्त समय का मांग किया। इस पर निर्वाचन आयोग ने अंतिम अवसर प्रदान करते हुए सुनवाई की अगली तिथि 06.01.2026 निर्धारित की। 06.01.2026 की सुनवाई में दोनों पक्ष उपस्थित हुए एवं आयोग ने लिखा कि “दाखिल दस्तावेज साक्ष्यों से स्पष्ट है कि सरकार के सचिव एवं अध्यक्ष जाति छानबीन समिति, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, झारखंड, रांची द्वारा श्री अर्जुन भुईयां का अंचल कार्यालय बाघमारा से निर्गत जाति प्रमाण पत्र संख्या – CST/21061/02359 दिनांक 11.04.2015 को अवैध पाया गया एवं उसे रद्द कर दिया गया।

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर मुखिया पद पर बने रहने का अधिकार नहीं
अपनी सुनवाई में राज्य निर्वाचन आयुक्त झारखंड अलका तिवारी ने लिखा है कि क्योंकि संबंधित विभाग द्वारा जाति प्रमाण पत्र वैध होने के कारण रद्द कर दिया गया है अतः श्री अर्जुन भैया आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र ग्राम पंचायत जमुआ प्रखंड बाघमारा के मुखिया के पद पर बने रहने का योग्य नहीं है उनकी सदस्यता रद्द करने का आदेश पारित किया जाता है। आदेश की प्रति अर्जुन भुईयां मुखिया ग्राम पंचायत जमुआ, अनुमंडल पदाधिकारी धनबाद, प्रखंड विकास पदाधिकारी बाघमारा तथा उपायुक्त धनबाद को भेज दिया गया है। इस संबंध में मुखिया अर्जुन भुईयां से कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उनका फोन व्यस्त पाया गया।
बता दे कि राज्य निर्वाचन आयोग के इस फैसले से पूरे बाघमारा और धनबाद में हड़कंप मच गया है। इस मामले में आम लोगों का कहना है कि यदि जाति प्रमाण पत्र एवं स्थानीय प्रमाण पत्र की ठीक तरह से जांच पड़ताल हो तो न केवल बाघमारा के बल्कि राज्य भर में अन्य कई जनप्रतिनिधि एवं अन्य प्रभावी लोगो के प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाएंगे।
