
कतरास: बाघमारा पुलिस अनुमंडल अंतर्गत तेतुलमारी थाना क्षेत्र के गंडुवा कोढ़िया बस्ती इलाके में कथित तौर पर अवैध कोयला कारोबार धड़ल्ले से संचालित होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि बंद पड़े भट्ठे में दिन के उजाले में मोटरसाइकिल, स्कूटर समेत छोटे-बड़े वाहनों से अवैध कोयला पहुंचाया जा रहा है और वहां से भारी वाहनों के जरिए दूसरे राज्यों तक भेजा जा रहा है। बंद पड़े भट्टे में कथित अवैध कोयला डिपो चलने का आरोप लगाया गया है। बताया जा रहा है कि यहां से ट्रक और हाईवा के माध्यम से कोयला बिहार, पश्चिम बंगाल समेत अन्य जगहों पर भेजा जा रहा है।
इस मामले को लेकर अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर झारखंड सरकार, धनबाद पुलिस, झारखंड पुलिस, CISF और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को टैग करते हुए कार्रवाई की मांग की है। रत्नेश कुमार ने आरोप लगाया कि अवैध कोयला कारोबार से बीसीसीएल और राज्य सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, जबकि कथित कोयला कारोबारी मालामाल हो रहे हैं।
वहीं स्थानीय ग्रामीणों ने अवैध कारोबार के संचालन के लिए स्थानीय पुलिस और बीसीसीएल को जिम्मेदार ठहराया है। लोगों का कहना है कि बीसीसीएल और तेतुलमारी पुलिस के संरक्षण में ही तेतुलमारी क्षेत्र में कई जगह धड़ल्ले से अवैध कोयला का कारोबार चल रहा है। पुलिस के संरक्षण के कारण ही कोयला माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। बता दे कि कई बार ग्रामीण महिलाओं ने अवैध कोयला खनन और अवैध कोयला कारोबार पर रोक लगाने के लिए तेतुलमारी के सड़कों पर झाड़ू लेकर विरोध प्रदर्शन जताया है। बावजूद उसके क्षेत्र में अवैध कोयला कारोबार जारी है जिससे तेतुलमारी पुलिस के कार्यशैली पर लोग कई तरह का सवाल खड़ा कर रहे हैं।
