
गिरिडीह: सामाजिक एवं सूचना अधिकार कार्यकर्ता सुनील खंडेलवाल ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी एवं सड़क परिवहन एवं राजमार्ग विभाग, भारत सरकार, नई दिल्ली को पत्र भेजकर सम्पूर्ण भारत के विद्यालयों में स्कूल बस सेवा अनिवार्य करने एवं एसओपी जारी करने के संबंध में आग्रह किया है।
खंडेलवाल ने अपने पत्र में कहा है कि वर्तमान समय में देश के अधिकांश विद्यालयों में विद्यार्थियों को उनके अभिभावक निजी वाहनों (कार, बाइक आदि) से विद्यालय छोड़ने एवं लाने का कार्य करते हैं। विशेष रूप से प्रातः काल एवं विद्यालय अवकाश के समय सड़कों पर अत्यधिक यातायात दबाव उत्पन्न हो जाता है, जिससे विद्यालयों के आसपास तथा मुख्य मार्गों पर भीषण जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। अनावश्यक ईंधन की खपत बढ़ जाती है जिससे हजारों लीटर पेट्रोल/डीजल का प्रतिदिन अपव्यय होता है। साथ ही वायु प्रदूषण में वृद्धि होती है जिससे पर्यावरण एवं जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। सड़क दुर्घटनाओं की संभावनाओं में वृद्धि हो जाती है तथा विद्यालयों के आसपास तथा मुख्य मार्गों पर भीषण जाम की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार द्वारा एक समग्र नीति बनाकर देश के सभी मान्यता प्राप्त विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए स्कूल बस सेवा को चरणबद्ध तरीके से अनिवार्य कर दिया जाए तो यातायात जाम की समस्या में उल्लेखनीय कमी आएगी,ईंधन की बचत होगी, प्रदूषण नियंत्रण में सहायता मिलेगी,सड़क सुरक्षा में सुधार होगा, अभिभावकों को भी समय एवं आर्थिक राहत प्राप्त होगी।
खंडेलवाल ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग विभाग से इस विषय पर राष्ट्रीय स्तर पर नीति निर्माण कर सभी विद्यालयों के लिए मानक दिशा-निर्देश जारी करने जिसमें सुरक्षा मानकों, बसों की संख्या, ड्राइवर/परिचालक की योग्यता तथा निगरानी व्यवस्था का स्पष्ट प्रावधान करने के संबंध में निवेदन किया है।
मामले में आवश्यक कार्रवाई करने हेतु खंडेलवाल के पत्र को श्री मयंक त्यागी, निदेशक टी सेक्शन, ट्रांसपोर्ट विंग, ट्रांसपोर्ट भवन, 1, पार्लियामेंट गली, न्यू दिल्ली, के पास अग्रसारित कर दिया गया है। खंडेलवाल ने भरोसा जताया है कि व्यापक जनहित एवं पर्यावरण संरक्षण को दृष्टिगत रखते हुए इस महत्वपूर्ण विषय पर जल्द ही आवश्यक पहल की जाएगी।
