
कतरास/धनबाद : राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर सिविल सर्जन डॉ आलोक विश्वकर्मा के नेतृत्व में सदर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से सिविल सर्जन कार्यालय तक जागरूकता रैली निकाली गई। रैली का मुख्य उद्देश्य लोगों को डेंगू बीमारी के प्रति जागरूक करना और इसके बचाव के उपायों की जानकारी देना था। इस वर्ष राष्ट्रीय डेंगू दिवस की थीम “डेंगू नियंत्रण के लिए जन भागीदारी : जांच करें, सफाई करें और ढकें” रखी गई है। सिविल सर्जन ने बताया कि डेंगू के खिलाफ अधिक जागरूकता फैलाने के लिए पूरे देश में यह दिवस मनाया जाता है।

उन्होंने बताया कि डेंगू संक्रमित मादा एडीज मच्छर के काटने से फैलने वाली एक संक्रामक बीमारी है। यह मच्छर साफ और ठहरे हुए पानी में पनपता है। समय पर जांच और इलाज नहीं होने पर यह बीमारी गंभीर और जानलेवा भी हो सकती है। डेंगू के लक्षणों की जानकारी देते हुए बताया गया कि अचानक तेज बुखार आना, तेज सिर दर्द, आंखों के पीछे दर्द, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, मसूड़ों से खून आना, भूख नहीं लगना और कमजोरी इसके प्रमुख लक्षण हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच करानी चाहिए। बचाव के उपायों पर प्रकाश डालते हुए लोगों से घर और आसपास साफ-सफाई रखने की अपील की गई। पुराने टायर, बर्तन और अनुपयोगी वस्तुओं में पानी जमा नहीं होने देने की सलाह दी गई। पानी की टंकी, कूलर, फ्रिज ट्रे और फूलदान की नियमित सफाई करने तथा पानी के बर्तनों को ढककर रखने पर जोर दिया गया। साथ ही पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने और मच्छरदानी का उपयोग करने की सलाह भी दी गई।
सिविल सर्जन ने बताया कि वर्ष 2023 में 662 लोगों की जांच में 109 डेंगू मरीज मिले थे। वर्ष 2024 में 1060 जांच में 170 मरीज पाए गए। वर्ष 2025 में 606 जांच में 31 मरीज मिले, जबकि इस वर्ष अब तक 64 लोगों की जांच में 2 मरीज सामने आए हैं। राहत की बात यह है कि डेंगू से अब तक एक भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं हुई है। इस मौके पर वीबीडी सलाहकार रमेश कुमार सिंह, मलेरिया इंस्पेक्टर, एनसीसी बॉयज एवं गर्ल्स, सहिया, एएनएम और स्वास्थ्य विभाग के कई कर्मी मौजूद रहे।
