
बढ़ते भू धंसान, अवैध खनन और कोयला चोरी के लिए डीजीएमएस जिम्मेदार है – विजय झा
कतरास: बीते 16 महीना में कोयलांचल में एरिया एक से लेकर एरिया 12 तक में कुल 856 स्थानों पर बीसीसीएल की कार्रवाई हुई, जिसमें 12 करोड़ 66 हजार 160 रुपए का कोयला रिकवरी हुआ। उक्त बातें प्रेस वार्ता के दौरान बियाडा के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रसिद्ध समाजसेवी विजय कुमार झा ने अपने आवासीय कार्यालय में कही।
आरटीआई के तहत मिली बड़ी जानकारी
पत्रकारों को संबोधित करते हुए विजय कुमार झा ने बताया कि उन्होंने बीसीसीएल मुख्यालय एवं डीजीएमएस को अवैध खनन, बढ़ते भू धंसान एवं कोयले की जब्ती/रिकवरी से संबंधित कुछ जानकारी सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी थी। जिसका जवाब देते हुए बीसीसीएल ने बताया कि 1 से 12 एरिया तक 1 जनवरी 2025 से 30 अप्रैल 2026 तक के बीच कुल 16 महीना में 856 अलग-अलग जगहों पर अवैध कोयला कारोबार और अवैध खनन के खिलाफ रेड किया गया, जिसमें लगभग 15 हजार मीट्रिक टन कोयले की जब्ती की गई, जिसकी कुल लागत तकरीबन 12 करोड़ 66 हजार से अधिक आंकी गई है। उन्होंने बताया कि लगभग 250 पेज में विस्तार से प्रत्येक एरिया एवं प्रत्येक महीना में की गई कार्रवाई से संबंधित सूचना उपलब्ध कराया गया है।

अवैध खनन और बढ़ते भू धंसान का जिम्मेदार बीसीसीएल और डीजीएमएस है – विजय झा
विजय झा ने आरोप लगाते हुए कहा कि अवैध खनन के कारण हालिया दिनों में बाघमारा के केसरगढ़, सोनारडीह के टंडाबाड़ी एवं कतरास के छाताबाद में हुए भू धंसान के लिए सीधे तौर पर डीजीएमएस और बीसीसीएल जिम्मेदार है। अवैध खनन के कारण बढ़ते भू धंसान से स्थानीय ग्रामीण भयभीत हैं। वे हर रात इस भय के माहौल में रात गुजारते हैं कि अगला सवेरा वो और उसके परिवार देख सकेंगे कि नहीं।
विजय झा से जानिए कैसे रुकेगा अवैध खनन
विजय झा ने कहा कि अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए डीजीएमएस और बीसीसीएल को जगना होगा। अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई में अवैध कोयला जब्त करने के साथ साथ अवैध कोयला डिपो/अवैध माइंस के संचालक, एवं परिवहन करने वाले ट्रकों, ट्रक चालकों आदि पर नामजद प्राथमिकी दर्ज करना चाहिए। साथ ही अवैध कोयला जिस डिपो या जिस भट्टे में गिराया जाता है उस डिपो के मालिक पर प्राथमिकी दर्ज होना चाहिए। यदि यह प्रक्रिया चालू कर दिया जाए तो कोयला चोरी पर बहुत हद तक लगाम लगाया जा सकता है।

सैकड़ो बार छापेमारी के बावजूद नहीं रुक रहा कोयला चोरी, जिम्मेदार कौन?
सबसे हैरानी की बात यह है कि पिछले 16 महीना में 856 बार अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ छापेमारी होने के बावजूद भी अवैध कोयला खनन, परिवहन और भंडारण लगातार जारी है। क्या छापेमारी केवल दिखावा था या फिर खुद को कानून से बचाने का एक पैंतरा ?
