
कतरास : कोयलांचल में अवैध खनन और कोयला चोरी के खिलाफ केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) का अभियान रंग लाने लगा है। सीआईएसएफ ने ‘जीरो कॉल लीकेज’ अभियान के तहत धर्माबांध ओपी क्षेत्र स्थित तेतुलिया 7 नंबर नहर के समीप संचालित अवैध कोयला खनन के एक बड़े ठिकाने को ध्वस्त कर दिया। बीसीसीएल प्रबंधन और धर्माबांध ओपी पुलिस के सहयोग से चलाए गए इस संयुक्त कार्रवाई से कोयला माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
ट्रैक्टर से हो रही थी कोयले की तस्करी
स्थानीय सूत्रों व सीआईएसएफ से मिली जानकारी के अनुसार, तेतुलिया 7 नंबर नहर के पास स्थित इस मुहाने से लंबे समय से बड़े पैमाने पर अवैध तरीके से कोयले का उत्खनन किया जा रहा था। खनन के बाद कोयले को ट्रैक्टरों के माध्यम से सुरक्षित स्थानों पर ले जाकर भंडारित किया जाता था और फिर वहां से बड़ी गाड़ियों में लोड कर दूसरे राज्यों व मंडियों में खपाया जाता था।
भारी बल के साथ पहुंचे अधिकारी, मुहाना किया जमींदोज
गुप्त सूचना के आधार पर सीआईएसएफ की विशेष टीम गठित कर भारी संख्या में जवानों के साथ मौके पर पहुंची। साथ में बीसीसीएल के सुरक्षा अधिकारी और धर्माबांध ओपी पुलिस की टीम भी शामिल थी। टीम ने सर्च मारते हुए इलाके को चारों तरफ से घेर लिया और तुरंत पे-लोडर व बुलडोजर मंगवाकर अवैध खनन के मुहाने को पूरी तरह से भराई कर जमींदोज कर दिया।
जारी रहेगा ‘जीरो कॉल लीकेज’ ऑपरेशन
सुरक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बीसीसीएल की संपदा और राष्ट्रीय संपत्ति ‘काले हीरे’ की चोरी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीआईएसएफ का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। इस कार्रवाई के बाद अब यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि सीआईएसएफ और पुलिस की संयुक्त टीम का अगला निशाना किस अवैध खनन का अड्डा बनेगा।
