
पार्षद की चुप्पी पर भी उठे सवाल, दुकानदारों ने कहा- पार्षद चुप क्यों है पार्षद ही बताएंगे
कतरास: कतरास के पचगढ़ी बाजार में विगत कई महीनों से करोड़ों रुपये की लागत से कराए जा रहे नाला निर्माण कार्य में भारी अव्यवस्था और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। मंगलवार को सब्जी पट्टी में नाला निर्माण के दौरान स्थानीय आक्रोशित दुकानदारों और ठेकेदार पप्पू लाला के बीच तीखी बहस हो गई। निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार और घटिया गुणवत्ता से नाराज लोगों ने नगर निगम और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली।
गड्ढा खोदकर दुकानदारी चौपट की, त्योहार के मौसम में भुखमरी की नौबत
फल विक्रेता सोनू केशरी और पप्पू केशरी ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि नाला निर्माण के कारण पिछले तीन महीनों से वे अपनी दुकानें ठीक से नहीं खोल पा रहे हैं। दुकान लगाने वाली जगह पर नाला निर्माण के लिए गड्ढा खोदकर छोड़ दिया गया है, जिसके कारण पिछले 15 दिनों से दुकानदारी पूरी तरह ठप है। अब हद तो यह है कि उस गड्ढे में नाला बनाने के बजाय काम को सीधे आगे से कराने का प्रयास किया जा रहा है। पीड़ित दुकानदारों ने कहा, “हमारा पूरा परिवार इसी दुकान पर आश्रित है। दुकान बंद होने के बावजूद हमें हर दिन का भाड़ा देना पड़ रहा है। कुछ ही दिनों में दुर्गा, दीपावली और छठ पूजा जैसा बड़ा त्योहार आने वाला है, ऐसे में धंधा चौपट रहने से हमारे सामने भुखमरी और भारी आर्थिक नुकसान का संकट खड़ा हो गया है।”
आरोप:7 फीट की जगह 3 फीट का नाला, बांस के फराटी पर हो रहा है ढक्कन का ढलाई
स्थानीय निवासी द्वारका दास, पप्पू केशरी, सोनू केशरी, अप्पू समेत कई अन्य दुकानदारों ने ठेकेदार पर मनमाने ढंग से और बेहद घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर काम करने का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि एस्टीमेट के अनुसार 7 फीट गहरा नाला बनना था, लेकिन इसे मात्र ढाई से 3 फीट ही गहरा किया जा रहा है।
इतना ही नहीं, बिना उचित ढलाई किए ही काम आगे बढ़ाया जा रहा है। ढक्कन निर्माण (ऊपरी ढलाई) के लिए उचित पाटा या पटरा का उपयोग करने के बजाय बांस का आधा छिला हुआ फराटी लगाया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि नगर निगम का कोई भी अधिकारी या इंजीनियर आज तक निर्माण कार्य का जायजा लेने नहीं आया। वहीं, स्थानीय पार्षद की खामोशी को लेकर भी लोगों में भारी आक्रोश है और उनकी चुप्पी पर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ठेकेदार ने दी सफाई: ‘वाटर बोर्ड के पाइप के कारण रुका काम, इंजीनियर को दी गई है सूचना’
पूरे विवाद पर ठेकेदार पप्पू लाला ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि संबंधित स्थल पर वाटर बोर्ड का मुख्य पाइप होने के कारण वहां फिलहाल काम कर पाना संभव नहीं है।
ठेकेदार ने बताया कि उन्होंने नगर निगम के अभियंता (इंजीनियर) दीपक पंडित को इस पूरी स्थिति से अवगत करा दिया है। इंजीनियर ने खुद कई बार आकर स्थल का निरीक्षण किया है और आश्वासन दिया है कि जल्द ही पाइप को वहां से हटा लिया जाएगा। पाइप शिफ्टिंग के लिए नया टेंडर जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। ठेकेदार का दावा है कि पाइप शिफ्ट होते ही उस जगह पर भी नाला निर्माण का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। लेकिन यह कब होगा इस पर कुछ बोल नहीं सकते हैं।
इस मामले में नगर निगम के उच्च अधिकारियों/इंजीनियर एवं स्थानीय पार्षद का आधिकारिक पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है। पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
