
कतरास: कतरासगढ़ स्थित गुजराती हिन्दी मध्य विद्यालय की गैर-सरकारी शिक्षिका भावना चौहान को विगत 24 महीनों से मानदेय न मिलने तथा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी दर से कम (₹2,540 प्रति माह) भुगतान किए जाने की राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC), नई दिल्ली में शिकायत के बाद श्रम विभाग धनबाद की टीम हरकत में आ गया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, दर्ज शिकायत के बाद सहायक श्रमायुक्त कार्यालय धनबाद ने स्थल एवं अभिलेख जांच का आदेश जारी किया था। इसी कड़ी में श्रम अधीक्षक (कृषि श्रमिक) पंकज कुमार के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम गुजराती हिन्दी मध्य विद्यालय पहुंची। जांच दल में दयानंद कुमार यादव (श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, टूंडी), वरुण रंजन कंठ (श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, बाघमारा) और राहुल कुमार (कंप्यूटर ऑपरेटर) शामिल थे।
जांच अधिकारियों का पक्ष: ‘प्रबंधन समिति अध्यक्ष ने नहीं किया सहयोग’
जांच अधिकारियों का कहना है कि स्कूल प्रशासन की ओर से उन्हें जांच में सहयोग प्राप्त हुआ, लेकिन गुजराती समाज सह अल्पसंख्यक विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नितेश ठक्कर ने जांच प्रक्रिया में सहयोग नहीं किया। अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं, जिनकी बिंदुवार रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को सौंपी जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि शिक्षिका भावना चौहान को सालों से मानदेय नहीं मिला है और उन्हें हर हाल में न्याय दिलाया जाएगा।
प्रबंधन समिति अध्यक्ष की सफाई: ‘क्षेत्राधिकार पर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई’
वहीं, अल्पसंख्यक विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नितेश ठक्कर ने असहयोग के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि केवल वही अधिकारी पूछताछ या जांच कर सकते हैं, जिनका इस स्कूल से संबंधित क्षेत्राधिकार हो। उन्होंने कहा कि अधिकारियों से उनका कार्यक्षेत्र और क्षेत्राधिकार पूछा गया था, जिस पर वे कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। ठक्कर ने यह भी दावा किया कि उन्होंने शिक्षकों के मानदेय एवं अधिकारियों के क्षेत्राधिकार से संबंधित सुप्रीम कोर्ट का एक महत्वपूर्ण फैसला दिखाया, लेकिन अधिकारियों ने उसे मानने से इंकार कर दिया, जिसके कारण बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी।
वहीं मामले को लेकर पीड़ित शिक्षिका भावना चौहान ने कहा कि श्रम विभाग की जांच टीम के आने से उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद जगी है और जल्द ही उन्हें न्याय मिलने का उम्मीद है।
जांच के दौरान स्कूल के प्रधानाध्यापक आशुतोष पांडेय, सामाजिक कार्यकर्ता जगत महतो सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।
