
कतरास: कतरास थाना क्षेत्र में हाल ही में हुए चर्चित मुन्ना पांडेय हत्याकांड का पुलिस ने सफल उद्भेदन करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी को तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर महज कुछ ही दिनों में सुलझा लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मिथुन गोप (निवासी भगत सिंह चौक, कतरास) और सोनू कुमार राय उर्फ बजरंगी (निवासी आमटांड़) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू, खून से सने कपड़े, सीसीटीवी का तार और लूटा गया सामान भी बरामद कर लिया है।
पार्टी के बहाने घर में घुसे और शराब पीने के बाद दिया वारदात को अंजाम
बाघमारा पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी कार्यालय बाघमारा द्वारा आयोजित की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना 28 अक्टूबर 2026 की रात की है। दोनों आरोपी पैसे की लालसा में मुन्ना पांडेय के घर पहुंचे थे, क्योंकि उन्हें पता था कि उनके पास 15 से 20 हजार रुपये रखे हुए हैं। योजना के तहत दोनों ने मुन्ना पांडेय से पार्टी मांगी, जिस पर उन्होंने पैसे भी दिए। इसके बाद आरोपी उनके घर पहुंचे और सभी ने मिलकर साथ में शराब पी। जब मुन्ना पांडेय अत्यधिक नशे में सो गए, तब दोनों आरोपी घर में रखे पैसों की तलाश करने लगे। इसी बीच कांसे का एक बर्तन नीचे गिर गया, जिससे तेज आवाज हुई और मुन्ना पांडेय की नींद खुल गई।
विरोध करने पर सीसीटीवी तार से गला घोंटा और फिर रेता गला
नींद खुलने पर मुन्ना पांडेय ने दोनों आरोपियों का कड़ा विरोध किया। पकड़े जाने और अपनी पोल खुलने के डर से आरोपियों ने खौफनाक कदम उठाया। सोनू कुमार राय उर्फ बजरंगी ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरे के तार से उनका गला दबाकर उन्हें अचेत कर दिया, जिसके बाद मिथुन गोप ने चाकू से उनका गला रेतकर उनकी निर्मम हत्या कर दी। हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी घर से एक सैमसंग एलइडी टीवी (सी C TV सहित), कांसे की तीन प्लेटें और मुन्ना पांडेय का मोबाइल फोन लेकर मौके से फरार हो गए थे।
एसआईटी (SIT) और तकनीकी सर्विलांस की मदद से पुलिस को मिली बड़ी सफलता
घटना की गंभीरता को देखते हुए धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रभात कुमार के निर्देश पर बाघमारा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था। पुलिस टीम ने तकनीकी सर्विलांस और वैज्ञानिक साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण करते हुए संदिग्धों की धरपकड़ शुरू की। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद उनकी निशानदेही पर लूटा गया सामान और हत्या में प्रयुक्त हथियार जब्त कर लिए गए। इस त्वरित कार्रवाई में कतरास थाना प्रभारी प्रवीण कुमार समेत अन्य पुलिस अधिकारियों और जवानों की अहम भूमिका रही।
