
कतरास : बरोरा थाना क्षेत्र के मंदरा और बरोरा बस्ती में धड़ल्ले से चल रहे अवैध कोयला उत्खनन के विरोध में माथाबाँध के ग्रामीण लामबंद हो गए हैं। ग्रामीणों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर जिला प्रशासन को लिखित शिकायत देने और इसके बाद भी रोक न लगने पर धनबाद एसपी कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन व आत्मदाह तक करने की चेतावनी दी है।
बीसीसीएल अधिकारियों पर हमले और बड़े भू-धंसान की आशंका सहमे ग्रामीण
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्थानीय निवासी कन्हाई चौहान ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बीसीसीएल प्रबंधन, सीआईएसएफ और जिला प्रशासन की कथित मिलीभगत से कोयला चोरों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे अधिकारियों को भी नहीं बख्श रहे हैं। उन्होंने हाल ही की घटना का जिक्र करते हुए बताया कि जोगीडीह कोलियरी के पीओ जब अवैध उत्खनन स्थल का निरीक्षण करने गए थे, तब कोयला चोरों ने उनकी पिटाई कर दी और उनका निजी वाहन क्षतिग्रस्त कर दिया। साथ ही उन्हें दोबारा उस ओर न आने की धमकी भी दी गई।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मंदरा पंचायत की मुखिया ललिता देवी के पुत्र और पति प्रशासन की शह पर कोयला चोरी करवा रहे हैं और विरोध करने पर गोली-बम चलाने की धमकी देते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस अवैध कारोबार पर रोक नहीं लगाई गई, तो टंडाबारी, छाताबाद, काजू बागान, काटा पहाड़ी और रामकनाली की तरह यहाँ भी कभी भी बड़ा भू-धंसान हो सकता है, जिससे भारी जानमाल का नुकसान तय है। विस्थापित और रैयत ग्रामीण होने का दर्द बयां करते हुए उन्होंने कहा कि भू-धंसान में मरने से बेहतर वे जिला प्रशासन के समक्ष आत्मदाह करना उचित समझेंगे। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कन्हाई चौहान के साथ शनि चौहान, रविन्द्र चौहान, डीके चौहान, सुमित यादव, बजरंगी चौहान समेत दर्जनों ग्रामीण उपस्थित रहे।
मुखिया ललिता देवी ने आरोपों को बताया राजनीतिक साजिश
दूसरी ओर, मंदरा पंचायत की मुखिया ललिता देवी ने अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि आगामी पंचायत चुनाव नजदीक आ रहे हैं, जिसके कारण कन्हाई चौहान और उनके विरोधी राजनीतिक लाभ के लिए इस तरह के झूठे और बेबुनियाद बयानबाजी कर रहे हैं। पंचायत की जनता चुनाव में ऐसे लोगों को इसका करारा जवाब देगी और उनके ऊपर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह निराधार हैं।
