
कतरास: अल्पसंख्यक स्कूल गुजराती हिंदी मध्य विद्यालय कतरास की निजी शिक्षिका भावना चौहान को उसका हक अधिकार दिलाने के लिए अब आरटीआई एक्टिविस्ट सह सामाजिक कार्यकर्ता जगत महतो सत्याग्रह सह भूख हड़ताल पर बैठेंगे। इस संबंध में जगत महतो ने स्कूल के प्रधानाध्यापक के माध्यम से एसडीओ धनबाद को सूचना देते हुए आग्रह किया है कि शिक्षिका भावना चौहान की समस्या का निदान 3-4 दिन के भीतर करें अन्यथा बाध्य होकर आगामी 20 मई से वे सत्याग्रह सह भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
बता दे कि भावना चौहान को पिछले 17 महीने से वेतनमान नही मिला है। भावना चौहान का आरोप है कि कमेटी से वेतन मांगने पर वेतन के बदले नोटिस दिया जाता है, जिससे वो मानसिक रूप से प्रताड़ित होती है। वे उक्त स्कूल में वर्ष 2002 से शिक्षण कार्य कर रही है। पिछले 17 महीने से वेतन नही मिलने के कारण उनकी घर की आर्थिक स्थिति अत्यधिक ही दयनीय हो गई है।

भाजपा ने धरने को दिया था समर्थन, लेकिन अब कोई साथ नही
शिक्षिका भावना चौहान के धरने को शुरुआती दौर में भारतीय जनता पार्टी का साथ और सहयोग मिला था। भाजपा कतरास मंडल के दर्जनों पदाधिकारी और कार्यकर्ता भावना चौहान के साथ धरने पर बैठे थे तथा शिक्षिका के धरने को जायज बताते हुए कहा था कि जब तक शिक्षिका को न्याय नहीं मिल जाता है तब तक शिक्षिका के हक अधिकार की लड़ाई वे साथ मिलकर लड़ेंगे। लेकिन विगत कई सप्ताह से शिक्षिका अपने हक अधिकार के लिए अकेले ही जूझ रही है और धरने पर बैठी हुई है। भावना ने बताया कि 25 दिन बीत गए लेकिन अब न कोई धरने में साथ बैठ रहे हैं और न ही न्याय मिला है।
बता दे कि जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से मामले का समाधान करने का अब तक कोई ठोस पहल नहीं किया गया। ऐसा लगता है जैसे अब आंदोलन करते-करते और धरने पर बैठे-बैठे जब तक आंदोलनकारी की जान नहीं निकल जाएगी तब तक कोई अधिकारी आंदोलनकारी की सुध लेने नही आएंगे और ना ही उसकी समस्याओं का निवारण करेंगे अर्थात भ्रष्ट सिस्टम से लड़ते-लड़ते शहीद होना तय है। हालांकि आरटीआई कार्यकर्ता जगत महतो के सत्याग्रह के ऐलान से शिक्षा महकमा और सरकारी दफ्तरों में हड़कंप मच गया है। अब देखना है कि क्या जगत महतो के द्वारा दिए गए समय सीमा के भीतर भावना चौहान की समस्या का समाधान किया जाता है या फिर जगत महतो आंदोलन की ओर कदम बढ़ाने को विवश होंगे।
