
कतरास: गुरुवार को धनबाद डीडीसी सन्नी राज एवं बाघमारा बीडीओ लक्ष्मण प्रसाद यादव जीएनएम हाई स्कूल कतरास में हो रहे निर्माण कार्य एवं विकास कार्यों का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने इस दौरान नव निर्मित शौचालय, बीसीसीएल द्वारा वर्षों पहले बनाए गए अर्धनिर्मित हॉल, जीएनएम स्कूल का पुराना प्रवेश द्वार सहित कई चीजों को बारीकी से देखा और जानकारी लिया। मौके पर मौजूद सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश भट्ट ने अधिकारियों को बताया कि स्कूल का बाउंड्रीवॉल बहुत ही जर्जर अवस्था में है। इस दौरान लोगों ने बताया कि स्कूल के पुराने गेट के समीप अवैध शराब दुकान संचालित होने के कारण शाम और रात के समय स्कूल परिसर में शराबियो का अड्डा भी लगता है। जिससे शिक्षा के वातावरण में बुरा असर पड़ रहा है। मौके पर ही डीडीसी ने एक्साइज विभाग को फोन लगाया लेकिन बात नहीं हो सकी। जानकारी के अनुसार डीडीसी एवं बाघमारा बीडीओ डीएमफटी के रूटीन चेकअप में आए थे। इस दौरान उन्होंने बाउंड्रीवाल सहित कई विकास कार्यों को करने का भरोसा दिलाया।
विधायक प्रतिनिधि चितरंजन कुमार ने भवन निर्माण में अनियमितता का मामला उठाया
मौके पर मौजूद बीबीएमकेयू के बाघमारा विधायक प्रतिनिधि सह छात्र नेता चितरंजन कुमार सिंह ने भवन निर्माण में हो रहे अनियमितता का मामला डीडीसी के समक्ष उठाया। उन्होंने भवन की दीवारों में दरार, छत पर जल निकासी की कमी, पानी का रिसाव और पिलर में छेद जैसी कई गंभीर समस्याएं उठाई। हालांकि डीडीसी ने मामले में न तो गंभीरता दिखाई और न ही इस संबंध में ठेकेदारों और सम्बन्धित इंजीनियर से कोई सवाल जवाब किया।
लोगों ने निरीक्षण के नाम पर औपचारिकता निभाने का आरोप लगाया
विधायक प्रतिनिधि चितरंजन कुमार सिंह एवं अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि जांच और निरीक्षण के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जा रही है। तकनीकी खामियां सामने आने के बावजूद भी संबंधित इंजीनियर एवं ठेकेदार पर किसी प्रकार की सख्ती नहीं दिखाई गई, ना ही कोई कार्रवाई करने की बात कही गई। श्री सिंह ने कहा कि निर्माण कार्य में भारी अनियमितता बरती गई है। लेकिन कार्रवाई करने के बजाय जिम्मेदार ठेकेदार को बचाने का कोशिश किया जा रहा है।
बाघमारा बीडीओ ने निर्माण कार्य को संतोषजनक बताया
निरीक्षण को लेकर सवाल पूछने पर डीडीसी ने कोई जवाब नहीं दिया। वही बाघमारा बीडीओ ने बताया कि निर्माण कार्य के गुणवत्ता आदि की जांच करने के लिए उप विकास आयुक्त पहुंचे हैं। गुणवत्तापूर्ण ढंग से काम करने का आदेश दिया गया है। वहीं उन्होंने अब तक के निर्माण कार्यों को संतुष्टिजनक बताया।
सवाल उठता है कि जब शिकायतकर्ता के शिकायत को ठीक से सुना ही नहीं गया तो फिर गुणवत्ता की जांच किस आधार पर किया गया। एक तरफ जहां शिकायतकर्ता चितरंजन कुमार सिंह आरोप लगाते हुए कह रहे हैं की शिकायत पर अब तक कोई जांच नहीं किया गया है। निर्माण कार्य में घोर लापरवाही बरती गई है, वहीं दूसरी ओर अधिकारी के द्वारा निर्माण कार्य को संतुष्टीजनक बताया गया है, जिससे कई सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखना है कि शिकायतकर्ता के शिकायत पर कब जांच होती है।
निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य था बंद, अधिकारियों के जाते ही पहुंचे मजदूर, लोगों ने उठाए सवाल
इस पूरे जांच के दौरान एक चीज सबसे अचरज भरा लगा कि निरीक्षण के दौरान निर्माणकार्य एवं विकास कार्य पूरी तरह से बंद था। लेकिन अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, प्राचार्या एवं पूरे स्कूल प्रबंधन के जाते ही स्कूल के मुख्य गेट का ताला खोलकर मजदूरों को काम करने के लिए जाते हुये देखा गया। जब तक निरीक्षण चलता रहा तब तक स्कूल कैंपस में मजदूर दिखाई नहीं दिए। इससे लोगों में हैरानी देखी गई। लोगों का कहना था कि आखिर निरीक्षण के दौरान कार्य बंद क्यों रखा गया था? क्या वास्तव में काम में लापरवाही बढ़ती जा रही है?
