
कतरास : बीसीसीएल ब्लॉक टू क्षेत्र में संचालित अंबे माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड आउटसोर्सिंग कंपनी के पूर्व कर्मी अख्तर हवारी ने आठ माह से लंबित वेतन भुगतान और पुनः नियोजन की मांग को लेकर बुधवार को अपने परिवार के साथ ब्लॉक टू क्षेत्र का चक्का जाम किया। आंदोलन के कारण सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक विभागीय एवं आउटसोर्सिंग का कोयला परिवहन पूरी तरह ठप रहा। अख्तर 14 नंबर हाजिरी घर के समीप अंधा चौक पर सपरिवार डटे रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि बकाया वेतन के लिए कई बार कंपनी और क्षेत्रीय प्रबंधन से गुहार लगाने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया, बल्कि बिना कारण नौकरी से हटा दिया गया। इससे परिवार के भरण पोषण और पुत्री की शादी तक में गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने भुखमरी जैसी स्थिति बनने की बात कही। अख्तर ने यह भी कहा कि ब्लॉक टू क्षेत्र में पहले कार्यरत शैली आउटसोर्सिंग कंपनी के 192 मजदूरों को अब तक सीएमपीएफ राशि का भुगतान नहीं मिला है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति भी बदहाल है। उनका आरोप है कि आउटसोर्सिंग और क्षेत्रीय प्रबंधन मजदूरों का शोषण कर रहा है और आंदोलन के बावजूद केवल आश्वासन ही दिए जाते रहे हैं। चक्का जाम की सूचना पर क्षेत्रीय अधिकारी , बाघमारा पुलिस और सीआईएसएफ मौके पर पहुंची, लेकिन अख्तर अपनी मांगों पर अड़े रहे।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जनता श्रमिक संघ के केन्द्रीय सचिव सत्येन्द्र सिंह, हरेंद्र सिंह,मनोज सिंह,मुन्ना सिंह,राजु सिंह, गोपाल मिश्रा मौके पर पहुंचे और बीसीसीएल ब्लॉक टू क्षेत्र के जीएम कुमार रंजीव व अन्य अधिकारीगण मौजूदगी में वार्ता हुई और वार्ता के बाद एक सप्ताह के अंदर नियोजन कराने का भरोसा दिया। इसके बाद अख्तर ने दोपहर करीब 3 बजे आंदोलन स्थगित कर दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह में मांगों का समाधान नहीं हुआ तो दोबारा चक्का जाम किया जाएगा।
