
कतरास : कतरास क्षेत्र में तेजी से फैलते अवैध खनन, लगातार गहराते भू-धंसान संकट और स्थानीय पुलिस के कथित नकारात्मक रवैये के खिलाफ स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। कतरास थाना चौक स्थित स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा के समीप ‘कतरास कोयलांचल बचाओ समिति’ के बैनर तले एकदिवसीय सत्याग्रह का आयोजन किया गया, जिसमें कई समाजसेवी, पार्षद, पूर्व पार्षद, अधिवक्ता, सामाजिक कार्यकर्ता सहित सैकड़ों स्थानीय नागरिकों और महिलाओं ने हिस्सा लिया।
इस पूरे विवाद की मुख्य वजह वार्ड 5 की पार्षद निरुपमा देवी के साथ कतरास पुलिस द्वारा किया गया अभद्र व्यवहार और एकतरफा कार्रवाई बताई जा रही है। दो दिन पूर्व पार्षद निरुपमा देवी ने कोयला तस्करों पर मारपीट व गाली-गलौज करने का आरोप लगाते हुए कतरास थाने में शिकायत दर्ज करानी चाही थी। आरोप है कि शिकायत सुनने के बजाय थानेदार ने उल्टे महिला पार्षद पर ही अवैध खनन स्थल पर जाकर रंगदारी मांगने का आरोप लगा दिया। पुलिस के इस बयान से आक्रोशित ग्रामीणों ने थाना चौक जाम कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पार्षद निरुपमा देवी और कांग्रेस नेता अशोक लाल सहित कई लोगों पर तीन अलग-अलग मामले दर्ज कर दिए, जिससे स्थानीय जनता में गहरा असंतोष और जनआक्रोश व्याप्त हो गया है।
सत्याग्रह स्थल पर जुटे आंदोलनकारियों ने पुलिसिया रवैये की कड़ी निंदा करते हुए क्षेत्र में अवैध खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने, भू-धंसान प्रभावित क्षेत्रों और अंडरग्राउंड खदानों में तुरंत बालू भराई कराने और सर्वे करने की मांग की। इसके साथ ही केवल सुरक्षित अंडरग्राउंड माइनिंग पद्धति से ही कोयला निकालने, ई-मेगा प्रोजेक्ट्स पर रोक लगाने तथा बीसीसीएल प्रबंधन एवं प्रशासनिक अधिकारियों की सीधी जवाबदेही तय करने की मांग उठाई गई।
सत्याग्रह में मौजूद नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि पुलिस प्रशासन ने झूठे मुकदमों को वापस नहीं लिया और बीसीसीएल प्रबंधन ने जनहित की मांगों पर जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो कतरास कोयलांचल की सुरक्षा और सम्मान के लिए इस आंदोलन को और अधिक उग्र बनाया जाएगा।
मौके पर बियाडा के पूर्व अध्यक्ष विजय कुमार झा, डॉ बी एन चौधरी, कांग्रेस नेता अशोक लाल, गौतम मंडल, अनुज सिन्हा उर्फ पलटू, पूर्व पार्षद विनोद गोस्वामी, प्रभात मिश्रा, दीप नारायण सिंह, जावेद रजा, प्रिंस शर्मा, सुदाम गिरी, राजीव रंजन सिंह, बिनय सिंह सहित कई लोग मौजूद थे।
