
कतरास : भू-धंसान और अवैध कोयला उत्खनन के विरोध में गुरुवार को ‘कतरास बचाओ संघर्ष मोर्चा’ के बैनर तले धनबाद स्थित रणधीर वर्मा चौक पर एकदिवसीय धरना दिया गया। इसमें कतरास और आसपास के प्रभावित इलाकों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और बीसीसीएल, डीजीएमएस, सरकार तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर आक्रोश जताया।
धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि लगातार हो रहे भू-धंसान से मकान, सड़कें और आम जनजीवन खतरे में है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा। मोर्चा ने मांग की कि प्रभावित क्षेत्रों का वैज्ञानिक सर्वेक्षण कर खतरे वाले स्थलों को चिह्नित किया जाए, अवैध उत्खनन पर तुरंत रोक लगे और प्रभावित परिवारों का सुरक्षित पुनर्वास व उचित मुआवजा सुनिश्चित किया जाए।
प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने धनबाद एसडीएम लोकेश बारंगे के जरिए राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। मोर्चा के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो कतरास की सुरक्षा और जनहक के लिए आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
इस मौके पर अधिवक्ता संघ और धनबाद बुद्धिजीवी परिषद के सदस्यों ने भी कतरास बचाओ संघर्ष मोर्चा के आंदोलन को समर्थन दिया। अधिवक्ता नीतू रानी, अमित भगत, वाई.के. सिंह, अजय भगत, दिनेश केसरी, दीपक श्रीवास्तव, रंजीत चौबे, सपन सरकार और राजू प्रसाद अखोरी समेत दर्जनों अधिवक्ताओं ने धरने को संबोधित करते हुए अपनी बातें रखीं।
धरने में चुन्ना यादव, प्रकाश राम गुप्ता, प्रदीप पांडे, सुरेश केडिया, मनोज गुप्ता, विजय तुलस्यान, बलबीर सिंह, राजेश स्वर्णकार, दीपक अग्रवाल, कौशर खान, प्रमोद अग्रवाल, अनिल अग्रवाल, सोनू अग्रवाल, सचिन चौधरी, पंकज गुप्ता, मोहित गोयल, राजकुमार अग्रवाल, मनोज ठाकुर, सुरेश शर्मा, रईस अहमद, बाबलू रावानी, किशोरी गुप्ता, राजू राम, प्रदीप गुप्ता, रतन कुमार शुक्ल, राजेश कुमार, मनोज कुमार गुप्ता, संतोष चौधरी, अरुण चौधरी, उमंग कुमार, अरुण तुलस्यान, अब्दुल समद अंसारी, विजय राधेश्याम, हरिओम कुमार, नन्दलाल कुमार, रामनाथ राय और सुनील कुमार समेत सैकड़ों की संख्या में मोर्चा के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, स्थानीय नागरिक, दुकानदार एवं भू-धंसान प्रभावित क्षेत्रों के लोग मौजूद थे।
