
सांसद विधायक के विकास के दावों के बीच जमींदोज होते आशियाने, कौन फैला रहा है भ्रम, बीसीसीएल या जनप्रतिनिधि, प्रेस वार्ता में उठे तीखे सवाल
कतरास : न खाता न बही, जो विधायक जी बोले वही सही…” – मंगलवार को कतरास पचगढ़ी बाजार स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। मंडल अध्यक्ष सूर्यदेव मिश्रा की अध्यक्षता में हुई इस प्रेस वार्ता में भाजपा नेताओं ने विपक्षी नेताओं (अशोक प्रकाश लाल, सुदाम गिरी, प्रभात मिश्रा, विनय सिंह) के चरित्र और नैतिकता पर सवाल उठाते हुए तीखे हमले तो किए, लेकिन बाद में खुद के ही बयानों के जाल में उलझकर रह गए।भाजपा जिला उपाध्यक्ष महेश पासवान ने दावा किया कि बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो एक प्रामाणिक व्यक्ति है, विधानसभा के सदस्य हैं, उन्होंने अगर कह दिया है कि कतरास पूरी तरह सुरक्षित है और ई-ब्लॉक प्रोजेक्ट से कतरास को कोई खतरा नहीं है, तो वही सच है। हालांकि, जब उनसे कतरास के अंतर्गत आने वाले आकाशकिनारी, एकेडब्लूएमसी, सिजुआ, मोदीडीह और तेतुलमारी जैसे क्षेत्रों में ई-ब्लॉक प्रोजेक्ट के कारण होने वाले भूमि अधिग्रहण और विस्थापन पर सवाल किया, तो वे इसे केवल ‘पचगढ़ी’ (कतरास गढ़) तक सीमित बताने लगे।
हैरानी की बात यह रही कि एक तरफ वे विधायक के हवाले से कतरास को पूरी तरह सुरक्षित बता रहे थे, वहीं दूसरी तरफ यह भी दावा कर दिया कि वे और उनके लोग ‘कतरास बचाओ अभियान’ में शामिल हैं। इस विरोधाभास गतिविधि और जवाब पर जब उनसे तीखा सवाल पूछा गया, तो वे कोई ठोस और संतुष्टिजनक जवाब नहीं दे सके।
सांसद, विधायक के विकास के दावों के बीच जमींदोज होते आशियाने
महेश पासवान ने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि पिछले 7 वर्षों से सरकार के इशारे पर अलग-अलग लोगों को पासिंग देकर अवैध कोयला खनन कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सांसद ढुलू महतो ने कोयला चोरी के खिलाफ हमेशा आवाज उठाई है। वहीं, मंडल अध्यक्ष सूर्यदेव मिश्रा ने विपक्षी नेताओं पर हमला करते हुए कहा कि सांसद ढुलू महतो ने 15-17 सालों में विकास की गंगा बहाई है—रेलवे स्टेशन का जीर्णोद्धार, नई ट्रेनें, पार्क और एयरपोर्ट के प्रयास इसके उदाहरण हैं।हालांकि प्रेस वार्ता में दावा चाहे जो किया गया हो, लेकिन जमीनी हकीकत पर कई कड़वे सवाल खड़े हो रहे हैं: अगर कतरास सुरक्षित है, तो कतरास थाना क्षेत्र अंतर्गत छाताबाद और रामकनाली में दर्जनों घर भू-धंसान में जमींदोज क्यों हो गए? सैकड़ों लोग पलायन को क्यों मजबूर हुए? वहीं लिलोरी स्थान और सोनारडीह फाटक का चौड़ीकरण, निमतल्ला से बिलबेरा एरिया ऑफिस तक एनएच चौड़ीकरण, कतरास कॉलेज में शिक्षको की कमी, जीएनएम स्कूल में इंटर की पढ़ाई और तिलाटांड़ अस्पताल की बदहाली पर नेता मौन क्यों हैं?
बीसीसीएल बनाम बाघमारा विधायक के दावे:
पूर्व बियाडा अध्यक्ष विजय कुमार झा ने बीसीसीएल के दस्तावेजों का खुलासा करते हुए कहा कि बीसीसीएल बोर्ड की 445वीं बैठक (21 अगस्त 2026, कोलकाता) के फैसले साफ बताते हैं कि 27 वर्षों के ई-ब्लॉक प्रोजेक्ट (376 मिलियन टन कोयला उत्पादन और 1930 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत) में कतरास के कई क्षेत्र शामिल हैं। ऐसे में जनता तय करे कि भ्रम कौन फैला रहा है—बीसीसीएल या जनप्रतिनिधि?
प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से मंडल अध्यक्ष सूर्यदेव मिश्रा, जिला उपाध्यक्ष महेश पासवान, कुंदन जी, बलवीर जी, पूर्व मंडल अध्यक्ष भरत शर्मा, धर्मेन्द्र गुप्ता, विनय पासवान, विवेक हजारी, रविन्द्र विजन, बच्चा सिंह, दिनेश उपाध्याय, टुनटुन गुप्ता जी, विजय चौहान, चितरंजन सिंह, जानकी देवी, आरती पासवान जी, कंचन देवी, शशिकला देवी आदि उपस्थित थे।
