
कतरास: नगर निकाय चुनाव सर पर है। चुनाव लड़ने को इच्छुक प्रत्याशी ने नामांकन पत्र खरीदना और नामांकन करना शुरू कर दिया है। वार्ड संख्या एक की बात करें तो पार्षद चुनाव की तैयारी कर रही डॉक्टर मधुमाला ने डोर टू डोर जाकर अपना चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है। चुनाव प्रचार में उनके साथ पुरुषों के अलावा भारी संख्या में महिला समर्थकों एवं युवाओं की भीड़ स्पष्ट रूप से देखी जा रही है। चुनाव प्रचार के दौरान डॉक्टर मधुबाला के समर्थकों में ऐसा उत्साह देखने को मिल रहा है मानो समर्थक ही खुद चुनाव लड़ रहे हैं। चुनाव जीतने के लिए प्रत्याशी डॉ मधुमाला से ज्यादा जोर डॉ मधुमाला के समर्थक लगा रहे हैं।

असली चुनाव तो वार्ड एक की जनता ही लड़ रही है- मधुमाला
मधुमाला का भी कहना यही है कि वह तो केवल नाम के लिए चुनाव लड़ रही है बल्कि असली चुनाव तो वार्ड एक की जनता ही लड़ रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के समय जब जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों ने अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ते हुए अपने आप को चार दिवारी में कैद कर सुरक्षित कर लिया था। उस समय अपने जान की परवाह न करते हुए वे(मधुमाला) एवं उनके पति डॉ स्वतंत्र कुमार उर्फ डॉ डब्लू ने घर से बाहर निकलकर जरूरतमंदों के बीच जा जाकर न केवल राशन मुहैया करवाया बल्कि उसके हर सुख दुख में साथ खड़े रहे। धीरे धीरे लोगों से लगाव बढ़ता चला गया । लोग अपनी समस्याओं से मुझे अवगत कराने लगे। मैं यथासंभव उनकी समस्याएं दूर करने का प्रयास करने लगी। बीते 5 सालों में मैंने अपने प्रयास से निगम द्वारा कई स्ट्रीट लाइट, हाई मास्ट लाइट अपने क्षेत्र में लगवाई, विभाग से पत्राचार और अधिकारियों से मुलाकात कर सड़क मरम्मत करवाई, बिजली के खंभे लगवाए। बाद में लोगों के कहने पर चुनाव लड़ रही हूँ। लेकिन देखा जाए तो असल में ये चुनाव जनता ही लड़ रही है।

मधुमाला कर रही धुआंधार चुनाव प्रचार, विरोधी अब तक मैदान में नही उतरे
एक तरफ जहां वार्ड एक के विभिन्न क्षेत्रों में मधुमाला अपने सैकड़ो समर्थकों के साथ डोर टू डोर कैंपेन कर धुआंधार प्रचार कर रही है। वहीं पार्षद पद के अन्य दावेदार अब तक मैदान में खुलकर नहीं दिखे हैं। जिन उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ने का मन बनाया है वो भी फिलहाल चुनाव प्रचार में पीछे छूटते नजर आ रहे हैं। चुनावी घोषणा के 5-6 दिन बाद भी वार्ड संख्या एक से अब तक किसी ने भी ना तो नामांकन पत्र खरीदा है और ना ही नामांकन कराया है। पार्षद पद के प्रमुख दावेदारों में से एक डॉक्टर मधुमाला के अलावा अन्य दावेदारों ने अब तक अपना पत्ता नही खोला है।


चुनाव जीतने की नहीं बल्कि हार के अंतर का अंदाजा लगा रहे हैं विरोधी- अनुराग बजरंगी (मधुमाला समर्थक)
मधुमाला के समर्थक अनुराग राजगढ़िया उर्फ अनुराग बजरंगी का कहना है कि मधुमाला की लोकप्रियता से विरोधी के होश उड़ गए हैं। मधुमाला के चुनाव प्रचार और उनके समर्थकों की फौज से विरोधी अभी से ही घबरा गए हैं। विरोधी अब चुनाव जीतने की नहीं सोच रहे हैं बल्कि इस कशमकश में हैं कि हार का अंतर कितना होगा।
अब देखना है कि वार्ड एक मे कितने प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमायेंगे और किसके सर पर सजेगा जीत का सेहरा…
