
धनबाद: धनबाद कोर्ट परिसर पिछले एक सप्ताह से अधिवक्ताओं एवं स्वास्थ्य कर्मियों का अखाड़ा बना हुआ है। रास्ता विवाद को लेकर पिछले एक सप्ताह से चल रहा तनाव गुरुवार को उस वक्त उग्र हो गया, जब अधिवक्ताओं और स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों के बीच हंगामा शुरू हो गया। देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गया और सामान्य माहौल रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। मामला धनबाद सदर थाना क्षेत्र का है, जहां अधिवक्ता पिछले 8 दिनों से पेन डाउन हड़ताल पर हैं। हंगामे के दौरान दीवार तोड़ने की कोशिश और पत्थरबाजी की घटना सामने आई, जिसमें एक स्वास्थ्य कर्मी घायल हो गया। वहीं एक पत्रकार को भी पत्थर लगने की सूचना है। घटना के बाद कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। रास्ता विवाद को लेकर जिला प्रशासन ने अधिवक्ताओं को 6 फीट का रास्ता देने का निर्णय लिया है।
जिला प्रशासन के साथ सभी बिंदुओं पर वार्ता हो चुकी है- राधेश्याम गोस्वामी

इस मुद्दे पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राधेश्याम गोस्वामी ने बताया कि जिला प्रशासन के साथ सभी बिंदुओं पर वार्ता हो चुकी है। उन्होंने कहा कि कल जनरल बॉडी मीटिंग के बाद पेन डाउन हड़ताल समाप्त करने पर विचार किया जाएगा। अधिवक्ताओं पर लगाए गए पत्थर फेंकने और दीवार तोड़ने के आरोपों को बार एसोसिएशन ने सिरे से खारिज किया है। अध्यक्ष राधेश्याम गोस्वामी का कहना है कि “अधिवक्ताओं की ओर से इस तरह की कोई घटना नहीं हुई। यह सिविल सर्जन की साजिश है। वकीलों के बीच घुसकर कुछ अज्ञात लोगों ने पत्थरबाजी की है। पूरे मामले की जांच होनी चाहिए।”

एसडीएम के हस्तक्षेप के बाद मामला हुआ शांत, अधिवक्ता कल बैठक कर हड़ताल खत्म करने पर लेंगे निर्णय
एसडीएम लोकेश बारंगे के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ शांत एसडीएम ने बताया कि सभी मुद्दों पर बातचीत हुई है। अधिवक्ता कल बैठक कर हड़ताल खत्म करने पर निर्णय लेंगे। दीवार तोड़ने और पत्थरबाजी की घटना की जांच की जाएगी।”
स्वास्थ्य कर्मियों ने अधिवक्ताओं पर लगाया दीवार तोड़ने व पत्थरबाजी करने का आरोप
वहीं स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों ने जिला प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है। स्वास्थ्य कर्मियों का आरोप है कि अधिवक्ताओं की ओर से दीवार तोड़ी गई और पत्थर फेंके गए, जिससे उनकी जान को खतरा हुआ।
