
132 पेड़ों की कटाई से मचा हड़कंप, लोगों ने वन विभाग और प्रशासन से किया सवाल
धनबाद : धनबाद नगर निगम क्षेत्र के भूदा बस्ती में जमीन को लेकर एक और बड़ा घोटाला सामने आया है। मौजा संख्या 48, खाता नंबर 1 की लगभग 8 एकड़ खतियानी जमीन पर कथित रूप से भू-माफियाओं द्वारा हड़पने और कब्जा करने का साजिश तथा 132 पेड़ों की अवैध कटाई का मामला तूल पकड़ चुका है। आमटाल निवासी मनोज रवानी ने दावा किया है कि यह जमीन उनके दादा अग्नू रवानी के नाम खतियान में दर्ज है, लेकिन कुछ लोगों ने फर्जी कागजात तैयार कर इस पर अवैध तरीके से कब्जा करने की कोशिश की। आरोप है कि जमीन पर दबदबा बनाने के लिए पहले पेड़ों की कटाई की गई। करीब 132 हरे-भरे पेड़ों को काटकर पूरी जमीन को जेसीबी से समतल कर दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी कार्रवाई बिना किसी अनुमति के कैसे हो सकती है? क्या वन विभाग से इसकी स्वीकृति ली गई थी? अगर नहीं, तो जिम्मेदार कौन है?


शिकायत के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कटे हुए पेड़ों की गिनती कर सभी ठूंठों को चिन्हित किया। विभाग ने जांच शुरू कर दी है और पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। सूत्रों की मानें तो यदि पेड़ों की कटाई बिना अनुमति के हुई है, तो दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है। मनोज रवानी का आरोप है कि भू-माफिया गिरोह फर्जी कागजात बनाकर जमीन को बेचने की फिराक में है। सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि जमीन खत्यानी है, तो राजस्व रिकॉर्ड में बदलाव कैसे हुआ? क्या किसी स्तर पर मिलीभगत है?

मामला अब जिला प्रशासन और वन विभाग के बीच जांच का विषय बन चुका है। स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और वे निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। 8 एकड़ जमीन, 132 पेड़ों की कटाई और फर्जीवाड़े के आरोप ने धनबाद में सनसनी फैला दी है। अब देखना यह है कि जांच में सच्चाई क्या सामने आती है और क्या दोषियों पर सख्त कार्रवाई होती है या यह मामला भी अन्य विवादों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।
