
कतरास: धनबाद जिले के कई थाना और ओपी क्षेत्र में कोयला तस्करों का बोलबाला है। कोयला माफिया प्रशासन के कुछ जिम्मेदार भ्रष्ट अधिकारियों के साथ हाथ मिलाकर देश की खनिज संपदा को खुलेआम लूट रहे हैं और जिम्मेदार पुलिस अफसर, सीआईएसएफ, बीसीसीएल तथा जनप्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारी को ताक पर रखकर अवैध खनन में मौन सहमति प्रदान कर रहे हैं। कोयलांचल में हो रहे अवैध खनन को लेकर हाईकोर्ट ने भी चिंता जताई है। जानकारी के मुताबिक वायु प्रदूषण से संबंधित एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने धनबाद में चल रहे अवैध माइनिंग को लेकर धनबाद डीसी, धनबाद एसएसपी, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मेंबर, सेक्रेटरी, धनबाद नगर आयुक्त को 2 अप्रैल को तलब भी किया है। मामले में सीएमडी बीसीसीएल को सशरीर उपस्थित रहने का भी आदेश दिया है।
बोरी में भरकर मैदान में ही किया जाता है भंडारण, फिर पिक अप वैन से की जाती है सैकड़ो टन कोयले की तस्करी
धनबाद जिले के कतरास थाना अंतर्गत रामकनाली ओपी क्षेत्र के घनी आबादी वाले क्षेत्र में कोयला माफियाओं ने अवैध माइंस खोल लिया है। रामकनाली ओपी क्षेत्र के बेलंजाबाद बस्ती के समीप खुले मैदान में कोयला माफियाओं ने अवैध मुहाना बना दिया है। जिसमें बाहरी मजदूरों को उसकी जान जोखिम में डालकर भीतर माइंस में प्रवेश कराया जाता है और कोयला की अवैध रूप से कटाई कराई जाती है। जिससे मजदूरों का जान जाने का खतरा हमेशा बना रहता है। मजदूर की सहायता से माइंस के बाहर ही बोरे में भरकर कोयले का अवैध रूप से भंडारण किया जाता है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस अवैध माइंस से हर रोज सैकड़ो टन कोयला की तस्करी पिक अप वैन के माध्यम से रामकनाली ओपी गेट के सामने से की जा रही है।


घनी आबादी के साथ खतरे में सरकारी स्कूल, मंदिर और आंगनबाड़ी, दुर्घटना हुआ जिम्मेदारी किसकी
इस अवैध खनन से कुछ मीटर दूर ही नया प्राथमिक विद्यालय पियोर रामकनाली तथा मध्य विद्यालय झिंझिपहाड़ी स्थित है। इसके अतिरिक्त काली मंदिर, शिव मंदिर भी हैं। एक आंगनबाड़ी भी संचालित है जिसमें दर्जनों छोटे छोटे बच्चे पढ़ते हैं। यदि कभी भू धंसान जैसा दुर्घटना होता है तो इसके चपेट में स्कूल, मंदिर और आंगनबाड़ी आ सकते हैं। जिससे बहुत बड़ी जानमाल की हानि हो सकती है। सवाल उठता है कि यदि ऐसी कोई घटना हुई तो इसकी जिम्मेदारी अपने सर पर कौन लेगा। वहीं हजारों की घनी आबादी वाला क्षेत्र बेलंजाबाद भी इस अवैध खनन से खतरे में है। पूर्व में कई बार स्थानीय लोगों ने पंसस अर्जुन महतो के नेतृत्व में अवैध खनन के खिलाफ विरोध भी जताया है। लेकिन एक बार फिर से अवैध खनन ने पूरे क्षेत्र को खतरे में डाल दिया है।


पूर्व में हो चुका भू धंसान, काल के गाल में समा चुकी है कई जिंदगियां
रामकनाली ओपी क्षेत्र में अवैध माइनिंग के कारण पूर्व में कई बार भू धंसान जैसी बड़ी घटनाएं घट चुकी है। जिससे कई जिंदगियां काल के गाल में समा चुकी है। वहीं कई मजदूरों के दबने की बात भी सामने आई थी। अवैध खनन पर रोक लगाने को लेकर अब तक क्या प्रयास किए गए हैं इस मामले में हाल ही में कोर्ट ने जिला खनन पदाधिकारी से जवाब भी मांगा है।

अवैध खनन से बेखबर है रामकनाली पुलिस, लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर उठाए सवाल
रामकनाली ओपी क्षेत्र में चल रहे इस अवैध माइनिंग से रामकनाली पुलिस पूरी तरह से बेखबर है। अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए जिला स्तर पर टास्क फोर्स का भी गठन किया गया है जो समय समय पर अवैध कारोबार पर छापामारी करती रहती है। उसके बावजूद भी कुछ भ्रष्ट अधिकारियों के संरक्षण में रामकनाली ओपी क्षेत्र के बेलंजाबाद में धड़ल्ले से कोयले का काला कारोबार चल रहा है। इस अवैध खनन पर कार्रवाई नहीं होने से स्थानीय लोगों में भय और आक्रोश का माहौल है। लोग पुलिस के कार्यशैली पर अब सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन से इस अवैध कारोबार पर रोक लगाने की मांग की है।
