
मामला डीएवी उच्च विद्यालय कतरास का, जहां 3 महीनों से शिक्षकों का वेतन भुगतान नहीं हुआ है
कतरास: आर्य समाज द्वारा संचालित डीएवी उच्च विद्यालय कतरास में 3 महीनों से शिक्षकों का वेतन भुगतान नहीं होने का मामला गरमा गया है। मामले को लेकर कई शिक्षकों ने उपायुक्त धनबाद एवं अन्य से शिकायत करते हुए कहा था कि स्कूल कमेटी के द्वारा उन लोगों को तीन-चार महीना से वेतन भुगतान नहीं किया गया है। जिसके कारण घर में आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। ना तो ठीक से घर की रोजी-रोटी चल रही है और ना ही बच्चों का पढ़ाई लिखाई और दवाई का खर्चा। उक्त आरोपों को लेकर स्कूल कमेटी के सचिव मनोज खेमका एवं अन्य ने प्रेस वार्ता का आयोजन कर बताया कि स्कूल का बैंक खाता फ्रिज हो जाने के कारण शिक्षकों का भुगतान एवं अन्य कार्यों में काफी बाधाएं आ रही है।

शिकायत कर बैंक खाता को फ्रिज कर दिया गया है, भुगतान कैसे करेंगे
उन्होंने अपनी बातों को विस्तार से रखते हुए बताया कि दो मृणाल एवं अन्य के द्वारा बैंक में शिकायत कर अप्रैल 2025 में बैंक खाता को फ्रिज करवा दिया गया जिससे बैंक में किसी भी प्रकार का लेनदेन या ट्रांसफर पर अस्थाई रोक लगा दी गई है। जिसके कारण शिक्षकों का भुगतान करने एवं अन्य कार्यों में बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि जिला शिक्षा पदाधिकारी के अनुशंसा पर सितंबर से दिसंबर तक बैंक के माध्यम से शिक्षकों को वेतन भुगतान किया गया। जनवरी-फरवरी और मार्च महीने का वेतन भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने आगे बताया कि बच्चों का फीस पूरी तरह से कैश में प्राप्त होती है। संस्थान में कुल 1875 बच्चे और 40 से अधिक शिक्षक हैं।
संस्थान के नाम पर बैंक में जमा है कुल 72 लाख
मनोज खेमका ने बताया कि संस्थान की मासिक आमदनी लगभग 6 लाख रुपया है जबकि खर्च 5 लाख रुपए के लगभग में। संस्थान के नाम पर इंडियन बैंक में 40 लाख तथा स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया में 32 लाख रुपैया जमा है। लेकिन खाता फ्रीज होने के कारण पैसे की निकासी नहीं हो पा रही है।

डॉ मृणाल ने सचिव, अध्यक्ष एवं पूर्व प्रधानाध्यापक के खिलाफ रांची हाई कोर्ट में दर्ज किया है मुकदमा
संस्थान के सचिव मनोज खेमका ने बताया कि डॉक्टर मृणाल ने संस्थान के कमेटी पर आरोप लगाकर सचिव मनोज खेमका, अध्यक्ष ढुल्लू महतो एवं तत्कालीन प्रधानाध्यापक उपेंद्र राय के खिलाफ मुकदमा दायर कर दिया। जवाब में कमेटी की ओर से भी मुकदमा दायर किया गया है। आज सामाजिक तत्वों ने कमेटी पर गबन का आरोप लगाकर थाने में शिकायत भी किया था। उन्होंने दावा किया कि थाना के द्वारा इस मामले में कमेटी को क्लीन चिट दिया गया है।

उपायुक्त व जिला शिक्षा पदाधिकारी ने मामले से लिया किनारा
संस्थान के सचिव ने यह स्पष्ट किया कि कुछ असामाजिक तत्व इस कमेटी को जबरन हटाकर अवैध रूप से कब्जा करना चाहते हैं। वर्तमान में जब कमेटी संकट के दौर से और विवादों के दौर से गुजर रही है। तो इसके समाधान के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) एवं धनबाद उपायुक्त से गुहार लगाई गई। लेकिन जिला शिक्षा पदाधिकारी और धनबाद उपायुक्त ने मामले से यह कह कर खुद को किनारा कर लिया कि यह स्कूल पूरी तरह से प्राइवेट है। जैसे चलाना है चलाओ। सरकार इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकती है। उन्होंने बताया कि स्कूल नियम संगत तरीके से चल रही है। 2025 तक का ऑडिट भी किया हुआ है।

एक सप्ताह में समाधान, अगले महीने करेंगे शिक्षकों का भुगतान- मनोज खेमका
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हम बच्चों का भविष्य बर्बाद होने नहीं देंगे। एक सप्ताह के भीतर मामले का समाधान निकालेंगे और किसी भी हाल में अगले महीने शिक्षकों का दो महीना का वेतन भुगतान करेंगे। वहीं स्कूल कैंपस में स्थानीय पुलिस की मौजूदगी देखी गई। पूछने पर बताया की कैंपस में असमाजिक तत्वों का आना जाना बढ़ गया है जिसके कारण विधि व्यवस्था के लिए कमेटी के द्वारा कतरास थाना को सूचना दी गई थी।

शिक्षकों का वेतन भुगतान न होने पर विजय कुमार झा ने दी थी धरने पर बैठने की चेतावनी
बता दे की 2 दिन पहले ही प्रसिद्ध समाजसेवी सह बियाडा के पूर्व अध्यक्ष विजय कुमार झा ने शिक्षकों का वेतन भुगतान अविलंब नहीं करने पर स्कूल गेट के समीप अनिश्चितकालीन सत्याग्रह पर बैठने की चेतावनी दी थी। इस संबंध में उन्होंने प्रेस वार्ता भी किया था। कयास लगाया जा रहा है कि विजय कुमार झा के सत्याग्रह पर बैठने की चेतावनी के बाद स्कूल प्रबंधन और स्कूल कमेटी हरकत में आया है तथा शिक्षकों का वेतन भुगतान करने पर राजी हुआ है ।
