
कतरास : चेक क्लीयरेंस प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ाकर एक सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) बीसीसीएल कर्मी के खाते से ₹35.50 लाख की अवैध निकासी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। न्याय न मिलने से हताश होकर भुगतभोगी बासुदेव ठाकुर ने 08 जून से अपने पूरे परिवार के साथ धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर आमरण अनशन शुरू करने का ऐलान किया है। मिली जानकारी के अनुसार, गिरिडीह जिला अंतर्गत बगोदर के चिचांकी गांव के रहने वाले
बासुदेव ठाकुर बीसीसीएल के गोविंदपुर क्षेत्र अंतर्गत एबीजी कोलियरी में कार्यरत थे और अक्टूबर 2025 में सेवानिवृत्त हुए थे। 01 नवंबर 2025 को उनको भविष्य निधि (PF) की राशि प्राप्त हुई थी, जिसे उन्होंने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की एसएमई (SME) धनबाद शाखा में जमा किया था।
मात्र 18 दिन बाद, 19 नवंबर 2025 को बैंक के नियमों को ताक पर रखकर, चेक संख्या 867596 के जरिए उनके खाते से 35.5 लाख की भारी-भरकम राशि सिकंदराबाद (तेलंगाना) में एक संदिग्ध व्यक्ति को भुगतान कर दी गई।
बैंक और पुलिस प्रशासन पर खड़े हो रहे गंभीर सवाल
सामाजिक कार्यकर्ता जगत महतो ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस पूरे प्रकरण में बैंक प्रबंधन और स्थानीय पुलिस की कार्यशैली बेहद संदेहास्पद रही है। इतनी बड़ी रकम की निकासी के बावजूद बैंक ने चेक क्लियरेंस करते समय खाताधारक से किसी भी प्रकार का वेरिफिकेशन या प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया। इतना ही नहीं, भुगतभोगी ने जब सूचना के अधिकार (RTI) के तहत अपने ही निकासी चेक की जानकारी मांगी, तो बैंक ने जानकारी देने के बजाय उन्हें एक कोरे कागज पर अपील करने का निर्देश दे दिया, जिसपर किसी बैंक सूचना अधिकारी के हस्ताक्षर तक नहीं थे।
5 महीने बाद भी न पैसे की रिकवरी हुई और न ही किसी की गिरफ्तारी, परिवार में हताशा का माहौल
सामाजिक कार्यकर्ता जगत महतो ने बताया कि इस ठगी के संबंध में जनवरी 2026 में ही धनबाद के बैंक मोड़ थाना में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई थी। लेकिन मामला दर्ज होने के महीनों बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं और अभियुक्त अभी भी गिरफ्त से बाहर है। “अक्टूबर 2025 में जीवन भर की गाढ़ी कमाई पीएफ के रूप में मिली थी, जिसे जालसाजों ने बैंक की लापरवाही से उड़ा लिया। जनवरी में एफआईआर हुई, लेकिन न तो पुलिस ने किसी को पकड़ा और न ही एसबीआई ने दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई कर पीड़ित परिवार को उसकी रकम वापस दिलाने की कोई पहल की। अब पीड़ित परिवार के पास आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।”
अनशन के माध्यम से आर-पार की लड़ाई का ऐलान
बैंक की कथित लापरवाही और पुलिस की सुस्त रवैया से तंग आकर बासुदेव ठाकुर ने अनशन के माध्यम से अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। अब देखना यह है कि इस आंदोलन के बाद सोए हुए बैंक प्रबंधन और पुलिस प्रशासन की नींद टूटती है या नहीं।
