
कतरास: धनबाद के बाघमारा थाना क्षेत्र अंतर्गत भीमकनाली ग्राम पंचायत के मांझी टोला (मांझी बस्ती) में बड़े पैमाने पर अवैध कोयला डिपो का संचालन किया जा रहा है। इस अवैध कारोबार को लेकर क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। मामले को लेकर सामाजिक संस्था ‘ग्राम स्वराज अभियान’ के संस्थापक सह सामाजिक कार्यकर्ता जगत महतो ने धनबाद के उपायुक्त को पत्र सौंपकर इस अवैध डिपो को तत्काल बंद कराने की गुहार लगाई है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि इस पर तुरंत कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।
स्थानीय प्रशासन की अवैध ‘पासिंग’ पर उठे बड़े सवाल, तस्करों को मिल रहा है खाकी और खादी का संरक्षण
उपायुक्त को सौंपे गए मांग पत्र में सामाजिक कार्यकर्ता जगत महतो ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि मांझी टोला में यह अवैध कोयला डिपो पूरी तरह से स्थानीय प्रशासन की “अवैध पासिंग” के आधार पर खादी और खाकी के संरक्षण में धड़ल्ले से संचालित किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस डिपो के संचालन के लिए स्थानीय ‘ग्राम सभा’ से कोई अनुमति नहीं ली गई है। उन्होंने कहा कि बगैर ग्राम सभा की अनुमति के किसी भी प्रकार के कोयला खनन, भंडारण एवं परिवहन का कार्य नहीं किया जा सकता है। भीमकनाली में संचालित कोयला डिपो पूरी तरह से अवैध है जिसके कारण पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

अमरेन्द्र नामक बाहुबली कोयला तस्कर प्रतिदिन 8 से 10 ट्रक कोयला का करता है अवैध भंडारण और परिवहन
मीडिया को जानकारी देते हुए जगत महतो ने बताया कि मांझी बस्ती में संचालित इस अवैध कोयला डिपो से प्रतिदिन 8 से 10 ट्रक कोयला का अवैध रूप से भंडारण और परिवहन किया जाता है। बताया जा रहा है कि कुछ खाकी और खादी के संरक्षण में अमरेन्द्र नामक बाहुबली तस्कर खुलेआम इस अवैध डिपो का संचालन कर रहा है।
अवैध कोयला डिपो तत्काल बंद करें प्रशासन नहीं तो होगा आंदोलन- जगत महतो
जगत महतो ने उपायुक्त से मांग करते हुए कहा कि अवैध रूप से कोयला डिपो संचालित करने वाले कोयला माफियाओं और इसके पीछे संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और इस डिपो को तत्काल प्रभाव से बंद कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने इस अवैध डिपो पर कार्रवाई नहीं किया, तो ग्रामीण और सामाजिक संगठन सड़क पर उतरकर एक बड़ा जन-आंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।
इस शिकायत के बाद अब देखना यह होगा कि धनबाद जिला प्रशासन इस अवैध “पासिंग” के खेल पर क्या एक्शन लेता है।
