
कतरास: बाघमारा प्रखंड अंतर्गत कतरास लिलोरी स्थान के समीप स्थित शमशान घाट में अवैध कब्जा कर अवैध रूप से प्रतिक्षालय में चारों ओर से अवैध निर्माण करने का मामला तूल पकड़ चुका है। अवैध निर्माण के खिलाफ भारी विरोध के बीच नगर निगम और प्रशासन के हस्तक्षेप से अवैध निर्माण भले ही रुक गया हो लेकिन अभी भी मामला शांत नहीं हुआ है। स्थानीय लोग अब अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की मांग कर रहे हैं।
दुर्गा पूजा कमेटी के सचिव ने श्मशान घाट केयर टेकर को दिया दो दिन का अल्टीमेटम
घटनाक्रम को लेकर बुधवार को जीएनएम दुर्गा पूजा समिति कतरास के अध्यक्ष पंकज सिन्हा, सचिव अमन जयसवाल, कोषाध्यक्ष पूर्व अध्यक्ष शंकर जायसवाल, पूर्व सचिव मुकेश भट्ट सहित भारी संख्या में युवाओं की फौज लिलोरी स्थान शमशान घाट पहुंचे। अमन जयसवाल ने श्मशान घाट के केयरटेकर रवि डोम को दो टूक में अपनी बात स्पष्ट करते हुए साफ साफ कहा कि दो दिन के भीतर अवैध निर्माण को स्वयं ही ध्वस्त कर दे अन्यथा कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। वहीं मीडिया से मुखातिब होते हुए श्री जायसवाल ने कहा कि दाह संस्कार के दौरान आए हुए लोगों के लिए प्रतीक्षालय बना है, जिसका अवैध तरीके से निर्माण कर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। हर हाल में यह अवैध निर्माण टूटना चाहिए अन्यथा जनता स्वयं उचित निर्णय लेने में सक्षम है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि श्मशान घाट का रखरखाव करने वालों के द्वारा दाह संस्कार करने के लिए आम लोगों से मनमानी राशि की वसूली की जाती है। जो आर्थिक रूप से सक्षम नहीं होते हैं उनसे भी जबरन मनमाना राशि वसूलने के बाद ही शव जलाने का अनुमति दिया जाता है। अवैध रूप से मनमाना राशि वसूलने के बाद भी शमशान में पीने का पानी एवं अन्य जरूरत की वस्तुओं का कोई व्यवस्था नहीं है। उन्होंने कहा कि नगर निगम से मांग करेंगे कि उचित राशि लेकर दाह संस्कार कराने, पीने के लिए स्वच्छ पानी, बिजली उपलब्ध कराने, साफ सफाई रखने जैसी आवश्यक चीजों का व्यवस्था करें। साथ ही पार्षद महोदय से शमशान घाट का विकास करने की मांग करते हैं।
अवैध निर्माण हटा लिया जायेगा, मनमानी राशि वसूलने का आरोप ग़लत – रवि डोम
वही शमशान घाट का रखरखाव करने वाले रवि डोम का कहना है कि श्मशान घाट परिसर को साफ सुथरा रखने और सुरक्षा प्रदान करने की भावना से उक्त सरकारी प्रतीक्षालय में निर्माण किया जा रहा था। मन में कोई गलत नियत या गलत भावना नहीं था। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि इस निर्माण के लिए न तो नगर निगम या प्रशासन से अनुमति लिया गया था और न ही आम लोगों से सहमति ली गई है। उन्होंने कहा कि लोग नहीं चाहते हैं तो यह निर्माण हटा लिया जायेगा। वहीं उन्होंने शव के जलाने में मनमाना राशि वसूलने की बात का खंडन किया। उन्होंने कहा कि जो सक्षम नहीं होते है उससे नाम मात्र की राशि ली जाती है। मौके पर सैकड़ो की संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
