
कतरास: श्री गंगा गौशाला (कतरास-करकेंद) के 107वें वार्षिक अधिवेशन सह गोपाष्टमी महोत्सव को लेकर गौशाला परिसर में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस दौरान समिति के पदाधिकारियों एवं अतिथियों ने जानकारी देते हुए बताया कि आगामी 17 नवंबर से 23 नवंबर तक गोपाष्टमी महोत्सव बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा-उल्लास के साथ मनाया जाएगा।
महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर 17 नवंबर को झंडोत्तोलन, गौपूजन, नए गौगृह तथा मूर्तिघर का भव्य उद्घाटन किया जाएगा। इसके उपरांत 22 नवंबर को हनुमान मंदिर का पुनरुद्धार और 23 नवंबर को वार्षिक अधिवेशन के साथ-साथ भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा।

विश्व विख्यात कथा वाचिका देवी चित्रलेखा जी के मुखारविंद से बहेगी भक्ति रसधार
महोत्सव का मुख्य आकर्षण 17 नवंबर से 21 नवंबर तक आयोजित होने वाली श्री कृष्ण कथा होगी। प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से विश्व विख्यात कथा वाचिका पूज्या देवी चित्रलेखा जी अपने मुखारविंद से श्रद्धालुओं को कथा का रसास्वादन कराएंगी।
देवी चित्रलेखा जी के प्रतिनिधि सह व्यवस्था प्रमुख पुनीत गौड़ ने बताया कि कथा के साथ-साथ 17 से 23 नवंबर तक विशाल गौशाला मेले का भी आयोजन किया जा रहा है, जो गौ भक्तों और गौशाला दोनों के लिए अत्यंत शुभ और फलदायी साबित होगा। उन्होंने समस्त क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा श्रवण करने तथा गौ माता की सेवा कर पुण्य का भागी बनने की अपील की।
10 हजार श्रद्धालुओं के लिए बन रहा भव्य वातानुकूलित पंडाल, तैयारियों में जुटे पदाधिकारी
गौशाला के अध्यक्ष अनीश डोकानिया ने खुशी जताते हुए कहा कि गंगा गौशाला (कतरास-करकेंद) की पावन धरती पर देवी चित्रलेखा जी का आगमन पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। कथा में उमड़ने वाली भीड़ को ध्यान में रखते हुए 200/100 फीट का एक विशाल पंडाल तैयार किया जा रहा है, जिसमें एक समय में 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के बैठने की उत्तम व्यवस्था रहेगी।
इस प्रेस वार्ता के दौरान देवी चित्रलेखा के प्रतिनिधि पुनीत गौड़, गौशाला अध्यक्ष अनीश डोकानिया, सचिव महेश अग्रवाल, गोविंद खंडेलवाल, सुमित खंडेलवाल, दीपक अग्रवाल, प्रदीप सोनी, कमलेश सिंह, उदय वर्मा, सुनील डंगाईच और अशोक शर्मा सहित कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से आम जनता से इस धार्मिक आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया है।
