
भाजपा ने संजीव अग्रवाल को दिया समर्थन
भाजपा के समर्थन से पूर्व में मेयर बने थे चंद्रशेखर अग्रवाल
भाजपा से झरिया के विधायक रह चुके हैं संजीव सिंह
धनबाद : धनबाद नगर निगम चुनाव का मुकाबला दिलचस्प होता दिख रहा है। भाजपा ने जहां आपसी बैठक और मंथन कर संजीव अग्रवाल पर दांव खेला है और उसे भाजपा समर्थित प्रत्याशी घोषित किया है। वहीं पूर्व मेयर ने झामुमो का दामन थाम फिर से मेयर पद के लिए अपना दावा ठोक दिया है। ख़ुद को भाजपा का अनुशासित सिपाही बताने वाले झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह भला क्यों पीछे रहते। उन्होंने भी मेयर पद के लिए नामांकन करा कर चुनावी गर्मी को और बढ़ा दिया। ऐसे में मेयर पद के लिए मुकाबला त्रिकोणीय बनता दिख रहा है। हालांकि भाजपा नेता मुकेश पाण्डेय, मोहम्मद परवेज खान, मोहम्मद रुस्तम अंसारी, पुष्पा कुमारी, अमित अग्रवाल सहित लगभग डेढ़ दर्जन उम्मीदवार मेयर पद के लिए अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं, जो की चुनावी समीकरण को बिगाड़ सकते हैं।
बुनियादी और नागरिक समस्याओं को लेकर हम जनता के बीच जाएंगे : संजीव सिंह
पूर्व विधायक संजीव सिंह ने भाजपा द्वारा महापौर पद के लिए संजीव अग्रवाल को समर्थन दिए जाने के सवाल पर साफ कहा कि यह चुनाव दलगत आधार पर नहीं, बल्कि जनता के मुद्दों पर लड़ा जा रहा है. ऐसे में कोई भी योग्य उम्मीदवार अपनी दावेदारी पेश कर सकता है, जिसका अंतिम निर्णय धनबाद की जनता करेगी. उन्होंने दावा किया कि शहर के विकास, बुनियादी सुविधाओं और नागरिक समस्याओं को लेकर वह जनता के बीच जाएंगे. संजीव सिंह ने कहा कि यह चुनाव दलगत नहीं है. जनता तय करेगी कि धनबाद का अगला महापौर कौन होगा।
तीन-तीन दावेदारों की मौजूदगी ने चुनावी समीकरण को जटिल बना दिया है
भाजपा ने संजीव अग्रवाल को अपना समर्थित उम्मीदवार बनाया है। भाजपा का अपना वोट बैंक है। लेकिन ये देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी का समर्थन पाकर संजीव अग्रवाल मेयर की कुर्सी हासिल कर पाते हैं अथवा नही। वहीं पूर्व मेयर चन्द्र शेखर अग्रवाल पूर्व में भाजपा का समर्थन से मेयर बन चुके हैं। मौजूदा हालात को देखते हुए उन्होंने पाला बदलकर झामुमो का दामन थाम लिया। माना जा रहा है कि उनका छवि साफ सुथरा रहा है। भाजपा के कई लोगों से अच्छे संपर्क और संबंध भी है। उनके चुनावी मैदान में उतरने से वोटों में असर पड़ना तय है।
राजनीतिक जानकारों का यह भी मानना है कि संजीव सिंह के चुनावी मैदान में आने से महापौर पद का चुनाव त्रिकोणीय संघर्ष की ओर बढ़ सकता है. उनका स्थानीय स्तर पर मजबूत जनाधार और पूर्व विधायक के तौर पर अनुभव चुनाव को प्रभावित कर सकता है।
कुल मिलाकर, धनबाद नगर निगम महापौर पद का चुनाव अब बेहद दिलचस्प हो गया है। भाजपा समर्थित उम्मीदवार, भाजपा से पूर्व विधायक रहे संजीव अग्रवाल और पूर्व महापौर की मौजूदगी से वोटों का बंटवारा तय माना जा रहा है। अब आने वाले दिनों में समर्थन और रणनीतियों के खुलासे के साथ चुनावी तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
