
राँची : हाल ही में हुए राज्य के दो वरिष्ठ अफसरों की बातचीत का ऑडियो लीक का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस प्रकरण में झारखण्ड हाई कोर्ट के जानेमाने वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव कुमार ने राज्यपाल को पत्र लिख कर संज्ञान लेने की अपील की है। राजीव कुमार ने झारखण्ड के राज्यपाल को भेजे अपने पत्र की प्रतिलिपि को प्रधानमंत्री कार्यालय तथा गृहमंत्री को भी भेजा है। राजीव कुमार ने अपने पत्र में लिखा है कि-
मैं झारखंड राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच हुई एक रिकॉर्डेड बातचीत को आपके संज्ञान में लाना चाहता हूँ। इस बातचीत से संज्ञेय अपराधों का खुलासा होता है, जिसके कारण झारखंड राज्य में कानून के शासन को बनाए रखने के लिए तत्काल हस्तक्षेप आवश्यक है।
इस बातचीत में निम्नलिखित नाम सामने आ रहे हैं—
➤ भामू प्रताप (ईडी केस में आरोपी)
➤ अविनाश कुमार (तत्कालीन गृह सचिव)
➤ किसी की पत्नी के बारे में चर्चा, जो मुख्य सचिव थीं
➤ सुनील तिवारी
➤ अखिलेश (क्राइम रिपोर्टर, हिन्दुस्तान)
➤ अनूप सिंह (अखिलेश सिंह के करीबी)
➤ अमन तिवारी (क्राइम रिपोर्टर, प्रभात खबर, अजीत डुंगडुंग के करीबी तथा उनके लिए धन संग्रह करने वाले)
इनके नामों का संबंध अनुराग गुप्ता (IPS) से भी निकटता दर्शाता है।
आगे यह भी उल्लेखनीय है कि झारखंड के इन दो वरिष्ठ अधिकारियों के बीच हुई बातचीत से यह तथ्य सामने आता है कि उन्हें यह जानकारी है कि कौन-कौन अधिकारी, राजनेता और प्रेस रिपोर्टर आपराधिक गतिविधियों से अवैध धन उगाही में संलिप्त हैं।
ये दोनों व्यक्ति राज्य के सबसे वरिष्ठ अधिकारी हैं, जिनकी जिम्मेदारी अपराध पर नियंत्रण रखने की है, परंतु वे स्वयं अपराध को बढ़ावा देते हुए प्रतीत होते हैं और राज्य को अपराध एवं अपराधियों के लिए छोड़ दिया है।

तत्कालीन डीजीपी अनुराग गुप्ता एक आदतन अपराधी रहे हैं और उनके विरुद्ध अनेक आरोप हैं। उन्होंने सैकड़ों करोड़ रुपये एकत्र किए हैं, किंतु IPS पद पर होने के कारण अब तक किसी ने उनके विरुद्ध कार्रवाई करने का साहस नहीं किया।
सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि इनके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 7, 7A, 8, 13, 61 तथा ऑल इंडिया सर्विस (कंडक्ट) रूल्स, 1968 के प्रावधानों के अंतर्गत अभियोजन चलाया जा सकता है। लेकिन आज तक किसी एजेंसी या सरकार द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
आपसे विनम्र निवेदन है कि कृपया सरकार एवं संबंधित एजेंसियों को इस मामले में जांच के आदेश देने की कृपा करें। अधिवक्ता राजीव कुमार ने बताया कि लीक ऑडियो की ट्रांसक्रिप्ट तथा ऑडियो भी उन्होंने राज्यपाल को उपलब्ध कराया है।
