
कतरास: बीसीसीएल गोविंदपुर एरिया-3 अंतर्गत सोनारडीह ओपी क्षेत्र के टंडाबारी में हुए भू-धंसान के बाद प्रभावित लोगों के पुनर्वास की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। घटना के सातवें दिन सोमवार को गोविंदपुर एरिया के असिस्टेंट मैनेजर आलोक रंजन राय, ओमप्रकाश दसौंधी एवं सुरेंद्र चौहान की टीम ने प्रभावित क्षेत्र में व्यापक सर्वे अभियान चलाया।
टीम द्वारा भू-धंसान प्रभावित क्षेत्र के 100 मीटर के दायरे में आने वाले कुल 273 घरों का सर्वे कर नंबरिंग की गई और सूची तैयार की गई। सर्वे सूची के आधार पर प्रभावित परिवारों से आधार कार्ड, पैन कार्ड सहित परिवार के सदस्यों का विवरण लिया जा रहा है। अब तक 55 घरों के लोगों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपने कागजात जमा कर दिए हैं। प्रशासन पुनर्वास प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के प्रयास में जुटा है।

इधर, भू-धंसान के बाद क्षेत्र में गैस रिसाव का खतरा भी बना हुआ है। बीसीसीएल एरिया सेफ्टी अधिकारी नारायण प्रसाद सिंह की टीम द्वारा प्रतिदिन गैस की जांच की जा रही है। जहां अधिक गैस रिसाव हो रहा है, वहां 200 पीपीएम(ppm) तक स्तर दर्ज किया गया है, जबकि अन्य स्थानों पर यह 100 पीपीएम (ppm) पाया गया है, जो स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित नहीं माना जा रहा है। लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

वहीं, डीसी के निर्देश पर झरिया पुनर्वास एवं विकास प्राधिकरण (JRDA) धनबाद की टीम भी टंडाबारी पहुंची और पूरे प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सर्वे कार्य का जायजा लेते हुए प्रभावित घरों का अवलोकन किया। जेआरडीए टीम ने बताया कि निरीक्षण के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उपायुक्त को सौंपी जाएगी, ताकि पुनर्वास कार्य में तेजी लाई जा सके।
निरीक्षण के दौरान जेआरडीए के ब्रह्मदेव सिंह (प्रबंधक, मानव संसाधन), रमेश महतो (प्रबंधक, खनन), किसलय कांत (उप प्रबंधक, सामुदायिक विकास), विशाल सिंह (उप प्रबंधक, खनन) एवं मन्नू कुमार शर्मा (प्रवेक्षक, सर्वे) सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
