
कतरास: नगर निगम की टीम द्वारा बुधवार को कतरास नगर निगम कार्यालय के समीप स्थित चिकन और मटन की दुकानों पर अचानक छापेमारी कर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाने पर स्थानीय दुकानदारों का गुस्सा फूट पड़ा। बिना पूर्व लिखित सूचना या नोटिस के सीधे रसीद थमाए जाने से नाराज दुकानदारों ने निगम की कार्रवाई का पुरजोर विरोध किया, जिससे मौके पर काफी देर तक हंगामा होता रहा।
दुकानदारों ने जुर्माने पर जताई कड़ी आपत्ति
दुकानदार पप्पू केवट ने बताया कि वह अपने पिता के समय से दुकानदार चला रहे हैं। लगभग 60 वर्षों से उनकी दुकान है। वे नियमानुसार होल्डिंग टैक्स देने एवं सही तरीका से ढककर (बिना खुले में) दुकान लगाने को तैयार हैं। लेकिन लेकिन नगर निगम अधिकारियों के द्वारा बिना किसी लिखित सूचना और नोटिस के सीधे आकर जुर्माना लगा देना उचित नहीं है। मीट दुकानदार मो इरशाद ने बताया कि उनकी दुकान भी वर्षों पुरानी है। वे नगर निगम को होल्डिंग टैक्स भी देते हैं। लेकिन कुछ कमियां निकाल कर निगम के द्वारा सीधे जुर्माना लगा देना कहीं से भी उचित नहीं है। दुकानदारों ने नगर निगम की कार्यवाही पर आपत्ति जताते हुए कहा कि नगर निगम के अधिकारी नियम के विरुद्ध जाकर दुकानदारों से अवैध रूप से जुर्माना वसूलने की कोशिश कर रहे हैं।
फूड इंस्पेक्टर ने मानी अपनी भूल, कहा- अब पहले देंगे नोटिस
वहीं फूड इंस्पेक्टर करण कुमार ने अवैध रूप से जुर्माना वसूलने का आरोप को निराधार बताते हुए कहा कि लिखित में ना सही लेकिन मौखिक रूप से 1 सप्ताह पहले सभी दुकानदारों को खुले में मीट ना बेचने एवं गंदगी नहीं फैलाने का चेतावनी दे दिया गया था। उन्होंने अपनी भूल स्वीकार करते हुए कहा कि मुझे सभी दुकानदारों को लिखित में सूचना या नोटिस देना चाहिए था। उन्होंने कहा कि अब पहले लिखित रूप से नोटिस दी जाएगी उसके बाद विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मीडिया के माध्यम से सभी विक्रेताओं को ताकीद की कि वे खुले में मीट न बेचें, दुकानों के आसपास सफाई रखें और जिन दुकानदारों ने अभी तक होल्डिंग कनेक्शन नहीं लिया है, वे जल्द से जल्द इसे सुनिश्चित कराएं।
इस दौरान मौके पर मोहम्मद इरशाद, मोहम्मद आजाद अंसारी, पप्पू केवट, रमेश महतो, प्रकाश माला सहित बड़ी संख्या में स्थानीय दुकानदार और ग्रामीण उपस्थित थे।
