
कतरास: धनबाद नगर निगम के एक नंबर वार्ड में इन दिनों दो नंबर का काम चल रहा है। दरअसल नगर निगम वार्ड संख्या एक अंतर्गत कतरास के सेलेक्टर गोविंदपुर से लेकर राजहंस फैक्ट्री होते हुए लोकप्रिय मार्बल दुकान तक नगर निगम के करोड़ों की फंड से ढक्कन बंद नाली का निर्माण किया जा रहा है। लेकिन संवेदक द्वारा किए जा रहे इस निर्माण में लापरवाही और ढेरों अनियमितताएं देखने को मिल रही है। यदि निर्माण सामग्री और निर्माण की बात की जाए तो चिमनी भट्टा एट की जगह दो नंबर के बंगला भट्ट की ईट घटिया किस्म का बालू एवं छड़ का उपयोग इस नाली के निर्माण में किया जा रहा है जिसके कारण कई जगहों पर प्लास्टर सीमेंट और गिट्टी पानी की धार में बह चुका है। निर्माण किए हुए नाली में कई जगह अब तक ढक्कन बंद नहीं किया गया है। जिसके कारण खुले नाली में कचरो का ढेर लग गया है। प्लास्टर उखड़ने के कारण छड़ दिखने लगा है। स्थानीय ग्रामीण घटिया सामग्री एवं घटिया निर्माण को लेकर शिकायत भी कर चुके हैं। जानकारी के मुताबिक निर्माण कार्य सितंबर महीना तक पूरा हो जाना था लेकिन ठेकेदार की लापरवाही से अब तक निर्माण कार्य अधूरा ही है। फिर भी निगम के जिम्मेदार इंजीनियर अथवा अधिकारी ने शिकायत के आलोक में अब तक न कोई जांच पड़ताल किया है और न ही किसी प्रकार की कार्रवाई की हैं।


बिना शिलान्यास के ही 70 फीसदी नाली का हो चुका निर्माण, जिम्मेदार जनप्रतिनिधि भी निर्माण में नहीं ले रहे रुचि
सबसे बड़ी हैरानी इस बात की है कि 70 फ़ीसदी नाली का निर्माण हो चुका है लेकिन निर्माण से पहले शिलान्यास नहीं किया गया है और ना ही कहीं शिलान्यास का बोर्ड लगा है। शिलान्यास नहीं करने के पीछे जिम्मेदार अधिकारियों, इंजीनियर, जनप्रतिनिधियों एवं संवेदक के बीच क्या खिचड़ी पक्की होगी इसका पता नहीं, लेकिन इतना तो तय है कि खिचड़ी सभी मिल बाटकर खाने की कोशिश में लगे हैं। स्थानीय ग्रामीणों की शिकायत के बावजूद न तो किसी जनप्रतिनिधि ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का जांच पड़ताल किया है और ना ही नगर निगम अथवा जिला प्रशासन के किसी अधिकारी ने।

इंजीनियर एवं ठेकेदार घटिया निर्माण कर लाखों का बंदरबांट कर रहे हैं – ग्रामीण
नाली के निर्माण में अनियमितता स्पष्ट रूप से देखने को मिल रही है। इसके बावजूद भी नगर निगम के संबंधित इंजीनियर ने मामले का जांच पड़ताल करना मुनासिब नहीं समझा। ऐसे में स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदार एवं इंजीनियर आपस में मिली भगत कर लाखों का बंदरबांट करने में लगे हुए हैं। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन एवं नगर निगम से पूरे निर्माण कार्य की जांच पड़ताल करते हुए जिम्मेदार इंजीनियर एवं ठेकेदार पर कार्रवाई करने का मांग किया है।
