
कतरास : तोपचांची प्रखंड अंतर्गत मतारी बस्ती एवं रंगाडीह के बीच स्थित लगभग 40 साल पुराना जोरिया पुल खतरे में है। पुल पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। हालात यह है कि पुल कभी भी टूट सकता है और बड़ी घटना घट सकती है। यदि पुल टूटता है तो इससे 10 हजार की आबादी बुरी तरह से प्रभावित होगी। पुल बनाने को लेकर अब तक किसी भी जनप्रतिनिधि ने गंभीरता नहीं दिखाई है।

पुल टूटा तो स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और बाजार से टूट जाएगा संपर्क – बाल कृष्ण रजवार
मतारी पंचायत के पंचायत समिति सदस्य बालकृष्ण रजवार कहते हैं कि यदि यह पुल टूट जाएगा तो स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और कतरास बाजार से मतारी बस्ती का संपर्क टूट जाएगा। बस्ती के सैकड़ो बच्चे कतरास कॉलेज, डिनोबली, स्कूल कोड़ाडीह, होली मदर अकैडमी फुलवार आदि में पढ़ते हैं। जिसके आवागमन के लिए एकमात्र मुख्य रास्ता इसी पुल से होकर जाता है। उन्होंने जिला परिषद और जिला प्रशासन से जल्द से जल्द पुल बनाने की मांग की है।

न अच्छी सड़क, न नाली बदहाली में जीने को मजबूर है बस्ती के लोग- शिबू मंडल
वार्ड सदस्य प्रतिनिधि शिबू मंडल ने कहा कि पुल का स्थिति बहुत ही खराब है। कभी भी दुर्घटना हो सकता है। गांव में अच्छी सड़क नहीं है । नाली भी नहीं बना है। पानी सड़क में बहता है। पीने का पानी सभी को सहज रूप से उपलब्ध नहीं है। उन्होंने इस अव्यवस्था के लिए जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदार ठहराया।

जिला परिषद उपाध्यक्ष से भी पुल बनाने का मांग किया हूँ, लेकिन अब तक नहीं बना पुल – मुखिया बिन्दु देवी
स्थानीय मुखिया बिंदु देवी ने कहा कि जर्जर पुल कभी भी टूट सकता है। बस्ती में सड़के अच्छी नहीं है, नाली भी नहीं है। नाली का पानी सड़कों पर बहता है। पुल बनाने को लेकर डीएमएफटी सहित कई जगह में लिखकर दिया हूं। ग्राम सभा में भी लिख कर दिए हैं। इन सब समस्याओं से जिला परिषद उपाध्यक्ष सरिता देवी को भी अवगत कराया गया है। लेकिन अब तक समस्याओं के समाधान करने को लेकर कोई पहल नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि मेरे पास फंड का अभाव है इसलिए हम कुछ नहीं कर सकते हैं। हालांकि जब मुखिया से पूछा गया कि किसकी लापरवाही से जर्जर पुल अब तक नहीं बना है तो उन्होंने किसी का भी नाम लेने से इनकार कर दिया।

मुखिया झूठ बोल रही है, उन्होंने जिला परिषद से पुल बनाने का मांग कभी नही किया है- सुभाष रवानी
इस संबंध में जिप सदस्य प्रतिनिधि सुभाष रवानी ने मुखिया बिंदु देवी पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि मुखिया के द्वारा कभी भी जिला परिषद से जर्जर पुल बनाने को लेकर मांग नहीं किया गया है और न हीं उन्होंने पुल बनाने संबंधी कोई आवेदन जिला परिषद को दिया। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीणों की मांग पर जिला परिषद उपाध्यक्ष सरिता देवी के प्रयास से जल्द ही जर्जर पुल तोड़कर नया पुल बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
