
कतरास/धनबाद : अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने पैसे बकाया होने के कारण शव बंधक बनाने को लेकर धनबाद अशर्फी अस्पताल पर कड़ी कार्रवाई तथा अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने की मांग की है। इस संबंध में रत्नेश ने झारखंड मुख्यमंत्री, स्वास्थ मंत्री झारखंड सरकार, झरिया विधायक रागिनी सिंह , धनबाद डीसी को ट्वीट करते हुयव लिखा कि बकाया रुपयों के लिए शव को बंधक बनाया जो कि मानवता को शर्मसार करने वाली घटना है। बता दे कि सड़क हादसे में घायल झरिया निवासी संजीत सिंह (54 वर्ष) की मौत के बाद, अस्पताल प्रबंधन ने केवल 20,864 रुपये बकाया होने के कारण शव परिजनों को सौंपने से इनकार कर दिया।

उन्होंने कहा कि अस्पताल का यह रवैया पुराना है और कोई भी अस्पताल कानूनी तौर पर मृतक को बंधक नहीं बना सकता। अस्पताल अक्सर वेंटिलेटर और अन्य सुविधाओं के नाम पर पैसे की उगाही करता है। शव को परिजनों को सौंपने से इनकार कर देने के बाद सूचना मिलने पर नवनिर्वाचित मेयर संजीव सिंह जी तुरंत अस्पताल पहुंचे। संजीव सिंह जी ने अपने निजी कोष से बकाया राशि का भुगतान किया, जिसके बाद मृतक का शव परिजनों को सौंपा गया। सिंह मेंशन हर दुखियारी परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है। मैं सरकार से यह मांग करता हु कि ऐसे अस्पताल का लाइसेंस अविलंब रद्द किया जाए ।
