
कतरास: अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने के मामले में बीसीसीएल प्रबंधन की मनमानी और लापरवाही स्पष्ट रूप से तब देखने को मिली जब स्वर्गीय प्रदीप मांझी की पुत्री ने अनुकंपा के आधार पर नियोजन लेने के खातिर कोयला भवन स्थित बीसीसीएल मुख्यालय के बाहर सपरिवार धरने पर बैठ गई। बीसीसीएल पर पक्षपातपूर्ण व्यवहार और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए सावित्री कुमारी के साथ धरना में उनकी 75 वर्षीय दादी बसनी मंझियान भी शामिल थीं। धरना शुरू होते ही बीसीसीएल प्रबंधन हरकत में आया और मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए सावित्री कुमारी को नियोजन देने की प्रक्रिया को तेज कर दिया। वही महाप्रबंधक ने गोविंदपुर क्षेत्र को आदेश भेजते हुए सावित्री को उनके स्वर्गीय पिता प्रदीप मांझी के स्थान पर सामान्य सहायक (कैटेगरी-1) पद पर नियुक्त करने का निर्देश दिया।
बताया जाता है कि सावित्री कुमारी के पिता स्व. प्रदीप मांझी बीसीसीएल के गोविंदपुर क्षेत्र में कार्यरत थे, जिनका निधन अक्टूबर 2023 में हो गया था। इसके बाद सावित्री ने मार्च 2024 में अनुकंपा नौकरी के लिए आवेदन किया था। बीसीसीएल द्वारा सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई थीं, लेकिन नियुक्ति पत्र जारी नहीं होने से परेशान होकर उन्हें धरना पर बैठना पड़ा। हालांकि, मुख्यालय से नियुक्ति आदेश प्राप्त होने के बाद सावित्री कुमारी ने अपना धरना स्थगित कर दिया।
धरना स्थल पर दादी बसनी मंझियान, मां पार्वती देवी, बहन सपना कुमारी व सरस्वती कुमारी के साथ सामाजिक कार्यकर्ता जगत महतो, शंकर महतो और विक्की साव समेत अन्य लोग मौजूद थे।
