
ग्राम स्वराज अभियान के तत्वावधान में विश्व पर्यावरण दिवस पर सेमिनार का आयोजन, दिग्गजों ने पर्यावरण बचाने पर दिया जोर
कतरास : शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ग्राम स्वराज अभियान के बैनर तले बीसीसीएल अतिथि गृह (बरोरा क्षेत्र, डुमरा) में भव्य सेमिनार का आयोजन किया गया। आयोजन की अगुवाई एवं मंच संचालन ग्राम स्वराज अभियान के प्रमुख सह आरटीआई कार्यकर्ता जगत महतो ने की। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्रोफेसर टी. पी. पाण्डेय ने की। कार्यक्रम में जमुनिया और कतरी नदी में अवैध खनन व जलवायु परिवर्तन पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। सेमिनार का मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन, स्थानीय जमुनिया नदी के संरक्षण तथा अवैध कोयला खनन से पर्यावरण पर पड़ रहे गंभीर दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला गया।
अवैध खनन से नदियों को भारी नुकसान का मुद्दा प्रमुखता से उठा
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने स्थानीय बाघमारा के जमुनिया नदी और कतरास के कतरी नदी में हो रहे अवैध खनन का मुद्दा बेहद प्रमुखता से उठाया। वक्ताओं ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अनियंत्रित और अवैध कोयला खनन के कारण नदियां अपना प्राकृतिक स्वरूप खो रही हैं, जिससे स्थानीय जल स्तर और पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) को भारी नुकसान पहुँच रहा है। यदि समय रहते इसके खिलाफ सामूहिक आवाज और कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो क्षेत्र को भीषण जल संकट और पर्यावरणीय विभीषिका का सामना करना पड़ेगा। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता खगेश महतो ने कहा कि जमुनिया और कतरी नदी ही हमारी गंगा और यमुना है, इसे बचाना हम सबकी नैतिक कर्तव्य और जिम्मेदारी है।
सभी को दिलाई गई पर्यावरण संरक्षण की शपथ
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और ‘युगान्तर भारती’ के प्रमुख श्री अंशुमन शरण ने उपस्थित सभी प्रबुद्ध जनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों को पर्यावरण की स्वच्छता बनाए रखने तथा नदियों व प्रकृति के संवर्धन के लिए निष्ठापूर्वक कार्य करने की सामूहिक शपथ दिलाई।
विशेषज्ञों और गणमान्य वक्ताओं ने रखे अपने विचार
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित आईआईटी आईएसएम (IIT ISM) के प्रोफेसर अंशुमाली जी ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण साझा करते हुए कोयला खनन के दुष्प्रभावों को कम करने के उपायों पर प्रकाश डाला। तोपचांची जोन के रेंजर अजय कुमार मंजूर एवं जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती शारदा सिंह ने भी वन एवं पर्यावरण नियमों के कड़ाई से पालन और बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण करने की बात कही। वहीं बियाडा के पूर्व अध्यक्ष विजय कुमार झा ने पर्यावरण संरक्षण के साथ साथ अवैध खनन के खिलाफ जन आंदोलन करने की आवश्यकता पर बल दिया। सेमिनार में मौजूद सभी वक्ताओं ने एक सुर में प्रकृति के अंधाधुंध दोहन को रोकने की वकालत की।
मौके पर कई गणमान्य लोग रहे उपस्थित
इस गरिमामयी कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉ. सुनील नायक, मुखिया बिनोद नापित, वरिष्ठ आरटीआई कार्यकर्ता छेदी कुमार, व्योम टीवी के उमेश विश्वकर्मा, आरटीआई कार्यकर्ता अरबिन्द सिन्हा, जदयू नेता उदय सिंह, मंडल समाज के गौतम मंडल, प्रोफेसर प्रताप नारायण पांडेय, राजेश स्वर्णकार, शंकर चौहान, शैलेंद्र सिंह, सुरेश रजक, युवा नेता विशाल महतो, शंकर महतो, मो. कलाम, रोशन हजारी सहित भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और पर्यावरण प्रेमी उपस्थित थे।
