
कतरास : 5 जुन विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर नारी उत्थान संकल्प समिति द्वारा “पर्यावरण संरक्षण में महिलाओं की भूमिका” विषय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन दुर्गा नगर कॉलोनी कोलडम्प में किया गया।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए समिति की अध्यक्ष जानकी देवी ने कहा कि पर्यावरण केवल पेड़-पौधों, नदियों और पहाड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन, स्वास्थ्य और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा हुआ है। महिलाएं परिवार और समाज की आधारशिला होती हैं। घर के दैनिक कार्यों से लेकर बच्चों के संस्कार निर्माण तक उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत भी घर से और महिलाओं के माध्यम से ही प्रभावी रूप से हो सकती है।

एक महिला अपने परिवार को जल संरक्षण, बिजली की बचत, प्लास्टिक के कम उपयोग और स्वच्छता के प्रति जागरूक कर सकती है। यदि प्रत्येक महिला यह संकल्प ले कि वह अपने घर और आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखेगी तथा प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करेगी, तो पर्यावरण संरक्षण का एक बड़ा अभियान स्वतः खड़ा हो जाएगा।आज पर्यावरण प्रदूषण, जल संकट और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियां हमारे सामने हैं। इन चुनौतियों का सामना केवल सरकारों के प्रयासों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से ही संभव है। इसमें महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हम सभी संकल्प लें कि जल की प्रत्येक बूंद का महत्व समझेंगे, प्लास्टिक का उपयोग कम करेंगे, स्वच्छता बनाए रखेंगे और अपने परिवार तथा समाज को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करेंगे।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से-अतिथि योग शिक्षिका लक्ष्मी देवी,आरती देवी, कंचन सिन्हा, शशिकांता रावत, रानी देवी, इंद्रमणि देवी, चंचला देवी, संगीता देवी, राधा देवी, नीतू देवी, संगीता देवी सिंहरिया देवी, रेखा देवी, आदि कतरास के विभिन्न स्थानों से आए समिति की दर्जनों महिलाएं उपस्थित थी।
