
कतरास: धनबाद नगर निगम के वार्ड संख्या-2 स्थित छाताबाद फुटबॉल ग्राउंड के समीप 7 अगस्त को हुए भीषण भू-धंसान के बाद ग्रामीणों का आक्रोश चरम पर है। हादसे में दर्जनों घर जमींदोज होने के बावजूद बीसीसीएल और जिला प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम न उठाए जाने से नाराज ग्रामीणों ने बीसीसीएल एरिया-3 की एसटीजी-डेको (STG-DECO) आउटसोर्सिंग परियोजना का काम अनिश्चितकाल के लिए बंद करा दिया है।
प्रभावित परिवार पुनर्वास और रोजगार की मांग को लेकर परियोजना के समीप ‘आशियाना बचाओ आंदोलन’ के तहत अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे वार्ड-2 के पार्षद मोहम्मद शहाबुद्दीन और छाताबाद के सदर ने स्पष्ट कहा कि जब तक प्रभावित परिवारों को सुरक्षित आशियाना और मुआवजा नहीं मिलता, तब तक लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रहेगा और कंपनी का काम ठप रहेगा। उन्होंने बीसीसीएल प्रबंधन पर वार्ता के लिए आगे न आने का भी आरोप लगाया।

एकजुट हुए वार्ड पार्षद, आंदोलन तेज करने की चेतावनी:
आंदोलन को मजबूती देते हुए वार्ड-1 की पार्षद डॉ. मधुबाला, वार्ड-4 के पार्षद छोटू सिंह, वार्ड-5 की पार्षद निरुपमा देवी और वार्ड-8 के पार्षद रामेश्वर तुरी ने धरना स्थल पहुंचकर ग्रामीणों की मांगों का पूर्ण समर्थन किया। पार्षदों ने बीसीसीएल, आउटसोर्सिंग कंपनी और प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी प्रभावितों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने प्रबंधन से जिम्मेदारी तय करने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि जल्द ही पुनर्वास व राहत कार्य शुरू नहीं हुए, तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा। धरना प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में स्थानीय महिला और पुरुष ग्रामीण शामिल हैं।
