
महुदा रोड ओवरब्रिज से लगभग 300 मीटर पीछे बालाजी पार्टी प्लेस रेस्टोरेंट के नजदीक NH-32 पर देर रात एक बेहद दुखद और चिंताजनक हादसा सामने आया। ग्रामीणों द्वारा सूचना मिलने पर क्रांतिकारी युवा शक्ति के सदस्य तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एक अनियंत्रित ट्रक की चपेट में आने से 7 गौवंश बुरी तरह घायल हुए, जिनमें 6 गौमाताओं की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि एक गौमाता की हालत गंभीर बताई जा रही है। इसी घटना के दौरान लगभग आधा किलोमीटर आगे एक और गौमाता के भी ट्रक की चपेट में आने की सूचना मिली।
क्रांतिकारी युवा शक्ति एवं ग्रामीणों द्वारा घटना की जानकारी तत्काल जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती शारदा सिंह, जिला प्रशासन एवं NHAI को दी गई। सूचना मिलने के लगभग 40 मिनट बाद प्रशासन एवं NHAI की टीम घटनास्थल पर पहुंची और जेसीबी की सहायता से मृत एवं घायल गौवंश को सड़क से हटाया गया।
लेकिन सवाल सिर्फ आज की घटना का नहीं है।
आखिर NH-32 पर लगातार हो रहे ऐसे हादसों की जिम्मेदारी किसकी है?
सिर्फ तीन दिन पहले भी इसी NH-32 पर गंगा गौशाला कतरास के पास दो गौवंश को वाहन द्वारा कुचलने की घटना सामने आई थी, जहां क्रांतिकारी युवा शक्ति के सदस्यों ने मौके पर पहुंचकर वार्ड पार्षद श्रीमती मधुमाला देवी एवं गंगा गौशाला कतरास की सहायता से मृत गौमाता को सड़क से हटवाया था। इसके बावजूद सड़क पर घूम रहे गौवंश की सुरक्षा एवं ऐसे हादसों की रोकथाम के लिए अब तक प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई
आखिर इस हादसे का जिम्मेदार कौन है — पशुपालक, प्रशासन या NHAI?
🔸 यदि पशुपालक अपने गौवंश को खुले में छोड़ रहे हैं, तो प्रशासन द्वारा ऐसे पशुपालकों पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है?
🔸 पशुपालकों की जिम्मेदारी तय कर गौवंश को खुले में छोड़ने पर रोक लगाने के लिए प्रशासन द्वारा क्या ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं?
🔸 NH-32 के संवेदनशील एवं दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में हाईवे के किनारे उचित बैरिकेडिंग क्यों नहीं की जा रही है, ताकि गौवंश एवं अन्य पशु सड़क पर प्रवेश न कर सकें?
क्रांतिकारी युवा शक्ति ने प्रशासन एवं NHAI से मांग करते हुए कहा कि इस घटना को गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले की जांच की जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि ऐसी घटनाओं के लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है। साथ ही पशुपालकों की जिम्मेदारी तय करने, खुले में गौवंश छोड़ने पर कार्रवाई करने तथा NH-32 के आवश्यक स्थानों पर बैरिकेडिंग एवं अन्य सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की तत्काल व्यवस्था की जाए।
🔸 तेज रफ्तार एवं अनियंत्रित वाहनों पर निगरानी और कार्रवाई की व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाए
संगठन ने कहा कि यह केवल गौवंश की सुरक्षा का विषय नहीं है, बल्कि सड़क सुरक्षा और मानव जीवन की सुरक्षा से भी जुड़ा गंभीर विषय है।
