
कतरास/धनबाद : खनन क्षेत्र की आग से प्रभावित हाई रिस्क साइट पर रह रहे परिवारों के सुरक्षित पुनर्वास को लेकर जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। समाहरणालय सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मार्च माह के भीतर बड़े पैमाने पर प्रभावित परिवारों को बेलगड़िया में शिफ्ट किया जाए। बैठक में प्रशासन, पुलिस, बीसीसीएल और जेआरडीए के अधिकारियों ने संयुक्त रणनीति पर विस्तार से मंथन किया। उपायुक्त ने कहा कि शिफ्टिंग की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, सुव्यवस्थित और परिवारों के अनुकूल होनी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

प्रभावित परिवारों के बीच जागरूकता और विश्वास बढ़ाने के लिए ओरिएंटेशन कैंप लगाए जाएंगे। इन कैंपों में शिफ्टिंग के दौरान और उसके बाद मिलने वाली सुविधाओं की स्पष्ट जानकारी दी जाएगी।प्रशासन ने निर्देश दिया कि शिफ्टिंग के दौरान परिवारों के घरेलू सामान के लिए पर्याप्त वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, बेलगड़िया के सभी फ्लैटों में सीएसआर फंड से फर्नीचर और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।एलटीएच परिवारों के सत्यापन के दौरान संबंधित अंचल कर्मियों की स्थल पर उपस्थिति अनिवार्य की गई है, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि या विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।
बैठक में एसएसपी प्रभात कुमार, बीसीसीएल के डीटी, विभिन्न एरिया के जीएम, जेआरडीए के पदाधिकारी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने दोहराया कि प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और सम्मानजनक पुनर्वास सर्वोच्च प्राथमिकता है। मार्च में बड़े स्तर पर होने वाली शिफ्टिंग को लेकर अब प्रशासन पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतर चुका है।
