
कतरास: डीएवी हाई स्कूल कतरासगढ़ में 1800 से अधिक बच्चों का भविष्य दांव पर लग गया है। दो कमेटियों( डॉ मृणाल एवं खेमका कमेटी) के बीच उपजे विवाद ने स्कूल की गरिमा और उसकी प्रतिष्ठा को दांव पर लगा दिया है। पिछले 3 महीने से मानदेय नहीं मिलने के कारण स्कूल के शिक्षकों ने बुधवार को एकाएक हड़ताल पर जाने का निर्णय ले लिया और स्कूल के मुख्य द्वार के समक्ष कुर्सी लगाकर धरने पर बैठ गए। जिसके कारण बुधवार को स्कूल आए सभी छात्र-छात्राओं का पठन-पाठन कार्य पूरी तरह से बाधित हो गया। इस संबंध में शिक्षकों का कहना था कि चार महीना होने वाला है। लेकिन अब तक मानदेय नहीं मिला है। घर परिवार में आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। बच्चों की पढ़ाई लिखाई या व बीमारी का दवाई पानी करने में बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। राशन दुकान वालों ने उधार में राशन देना बंद कर दिया है। ऐसे में आखिर कब तक बिना मानदेय के पढ़ाता रहूंगा। पूछने पर बताया कि दो कमेटियों के बीच का विवाद है। लेकिन उससे हम शिक्षकों का कोई लेना-देना नहीं है। पढाने के बदले हम लोगों को हमारा मानदेय मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस मामले की जानकारी सभी संबंधित विभागों को दे दी गई है। उसके बावजूद भी मानदेय दिलाने के लिए कोई पहल नहीं की जा रही है।
प्रधान लिपिक प्रवीण कुमार सिंह, ईश्वरी नारायण पांडेय एवं संतोष कुमार ने शिक्षकों के हड़ताल का किया विरोध, लगाए नारे
जहां एक ओर मानदेय नहीं मिलने पर दर्जनों शिक्षक एवं अन्य कर्मी एकजुट है तथा अपना बकाया मानदेय की मांग कर रहे हैं और शिक्षकों के इस हड़ताल को समर्थन दिए। वही प्रधान लिपिक प्रवीण कुमार सिंह, ईश्वरी नारायण पांडेय एवं संतोष कुमार ने शिक्षकों के इस हड़ताल का विरोध किया है। उनका कहना है कि शिक्षकों को अपने नैतिक कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए। किसी भी हाल में बच्चों के पठन-पाठन बाधित नहीं करना चाहिए था। यदि हड़ताल पर जाना ही था तो शिक्षण कार्य समाप्त होने के बाद हड़ताल पर बैठ सकते थे। उन्होंने इस हड़ताल के खिलाफ हाय हाय के नारे भी लगाए।

शिक्षकों का मानदेय और बच्चों के भविष्य से जुड़ा मामला है, डीसी और डीईओ से बात करूंगा – विजय कुमार झा
वहीं शिक्षकों के इस हड़ताल की जानकारी मिलने पर बियाडा के पूर्व अध्यक्ष सह जाने-माने समाजसेवी विजय कुमार झा मौके पर पहुंचे। शिक्षकों से मामले की जानकारी ली। उन्होंने शिक्षकों की प्रशंसा करते हुए कहा कि पिछले तीन महीनों से वेतन भुगतान नहीं होने के बावजूद भी उन्होंने पूरी ईमानदारी और निष्ठा से छात्र-छात्राओं के पठन-पाठन कार्य जारी रखा। उन्होंने सभी शिक्षकों को इसके लिए साधुवाद भी दिया। विजय झा ने कहा कि वे स्वयं सभी शिक्षकों एवं स्कूल के अन्य कर्मियों के वेतन भुगतान कराने को लेकर धनबाद उपायुक्त एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी से मिलेंगे। उन्होंने हड़ताल कर रहे शिक्षकों से हड़ताल खत्म करने का आग्रह करते हुए कहा कि उनके अधिकार को हर हाल में दिलाया जायेगा। विजय झा के आग्रह पर हड़ताल कर रहे सभी शिक्षक एवं कर्मियों ने हड़ताल समाप्त कर दिया।
